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जमशेदपुर के अंशुमन भगत चुने गए 2022 के सर्वश्रेष्ठ लेखक, मन ओ मौसुमी ने किया सम्मानित

जमशेदपुर के लेखक अंशुमन भगत को 'मन ओ मौसुमी' ने वर्ष 2022 के लिए सर्वश्रेष्ठ लेखक के पुरस्कार से नवाजा है. उन्हें ये पुस्कार उनकी किताब 'एक सफर में' के लिए दिया गया है.

Jamshedpur Anshuman Bhagat
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Published : April 24, 2022 at 8:01 PM IST

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जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के लेखक अंशुमन भगत को 'मन ओ मौसुमी' ने वर्ष 2022 के लिए सर्वश्रेष्ठ लेखक का पुरस्कार दिया गया है. सैकड़ों नामांकनों में उन्हें सर्वश्रेष्ठ लेखक का दर्जा दिया गया. अंशुमन को उनकी पुस्तक और लेखन शैली में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ लेखक के रूप में चुना गया है. उनकी पुस्तक 'एक सफर में' के लिए उन्हें यह पुरस्कार मिला है, किताब 'एक सफर में' बॉलीवुड टीवी इंडस्ट्री के पर्दे के पीछे की कहानियों और कलाकारों के संघर्ष से जुड़ी कहानियों पर आधारित है.

अंशुमन भगत किताब 'एक सफर में' को छत्तीसगढ़ के ऑथर्स ट्री पब्लिशिंग हाउस ने वर्ष 2021 के दिसंबर 18 में प्रकाशित किया गया था. अंशुमन भगत एक भारतीय युवा लेखक हैं, जो जमशेदपुर शहर के रहने वाले हैं और कई सम्मानों के प्राप्तकर्ता हैं. 'मन ओ मौसुमी' अंशुमन भगत जैसे प्रतिभाशाली लेखकों को उनकी रचनात्मकता, अनुसंधान और संगठन की निपुणता का पता लगाने और अपने विचारों को लिखने के कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित करती है.

यहां इच्छुक लेखकों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है बल्कि उन्हें अपनी क्षमताओं में सुधार करने का भी मौका मिलता है. इस तरह के मंच रचनात्मकता और लेखन की दुनिया में एक मानक स्थापित करते हैं, जहां एक शौकिया लेखक को लेखन और प्रतिभा की दुनिया से अवगत कराया जाता है. इस मंच पर अंशुमन भगत के लिखे गए लेख को कई अनुयायियों और लेखन प्रेमियों ने पसंद किया और सराहा.

लेखन प्रतियोगिता के रूप में 'मन ओ मौसुमी' दुनिया भर के लेखकों के लिए अवसर पैदा करता रहता है, जिसमें लगभग एशिया के सभी देशों से लेखक इसमें भाग लेते हैं. यह सम्मान निर्णय के मानदंड गुणवत्ता, समीक्षा, उद्धरण, गुणवत्ता और अन्य मापदंडों पर आधारित था. रचनात्मक लेखन एक मौलिक कला है, जिसमें लेखक अपने ज्ञान, अनुभव, भावनाओं तथा संवेदनाओं के आधार अपने विचारों को साझा कर सकते हैं.

रचनात्मक लेखन न केवल नवयुवकों के लिए बल्कि लेखकों के लिए भी जरूरी है. क्योंकि इससे लिखावट और मानसिक चेतना में भी निखार आता है, इन्ही तथ्यों को ध्यान में रखते हुए 'मन ओ मौसुमी' तरह-तरह के लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित करती रहती है.