ETV Bharat / state

कृषि मंत्री ने कहा, सरकार पेस्टिसाइड बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ नहीं, नकली उर्वरक का इस्तेमाल घोर अपराध

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (agriculture minister jp dalal) ने चंडीगढ़ में कहा कि खेती के लिए उर्वरक जरूरी है लेकिन नकली उर्वरक का इस्तेमाल घोर अपराध है. सरकार कंपनियों के खिलाफ नहीं है लेकिन किसानों को समझाना जरूरी है. जेपी दलाल शुक्रवार को चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.

agriculture minister jp dalal
agriculture minister jp dalal

Published : May 6, 2022 at 9:52 PM IST

|

Updated : May 6, 2022 at 10:43 PM IST

Choose ETV Bharat

चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे.पी. दलाल ने चंडीगढ़ में 'सतत कृषि के लिए एग्रोकैमीकल की भूमिका-खुशहाल भारत के लिए किसानों का सशक्तिकरण' विषय पर आयोजित तीसरी राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित किसानों, कृषि से जुड़े बुद्धिजीवियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार किसान के हित के लिए कोई भी पहल करने के लिए हमेशा तैयार रहती है. किसान के हितों को सर्वोपरि मानते हुए सरकार अति-सक्रियता से लगातार कार्य कर रही है. जिसके तहत परपरांगत, जैविक व प्राकृतिक खेती पर फोकस किया जा रहा है.

जेपी दलाल ने कहा कि फसलों में उपयोग होने वाले उवर्रकों के नकली उत्पादों की बिक्री घोर अपराध है. हमारी सरकार इस अपराध पर नकेल कसने के लिए सख्त कार्रवाई करते हुए पारदर्शी तरीके से अच्छे व बेहतरीन खाद व उवर्रकों को बेचने के लिए कटिबद्ध है. उन्होंने कहा कि किसानों को लूटने वाले लोगों को किसी भी प्रकार से माफ नहीं किया जा सकता है. कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार फसलों में उपयोग होने वाले अच्छे व बेहतरीन खाद व उर्वरकों को तय मात्रा के अनुसार प्रयोग करने के लिए हर संभव सहयोग करने को तैयार है.

कृषि मंत्री ने कहा, सरकार पेस्टिसाइड बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ नहीं, लेकिन नकली उर्वरक का इस्तेमाल घोर अपराध

कृषि मंत्री ने कहा कि वे परपरांगत, जैविक व प्राकृतिक खेती (organic farming) पर बल देने में विश्वास रखते हैं. अधिक कैमीकल के प्रयोग होने की वजह से फल, सब्जी, धान, चावल इत्यादि की फसलें हमारी विदेशों में खारिज कर दी जाती हैं. इसलिए किसान भाईयों को अपनी फसलों में तय मात्रा के अनुसार उर्वरकों व खाद का प्रयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा में सुक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दिया है. इसी कड़ी में माइक्रो सिंचाई में 85 प्रतिशत तक उपकरणों में छूट दी जा रही है. इसके अलावा, इस वर्ष कृषि का बजट भी लगभग 27 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है. उन्होंने बताया कि गन्नौैर में एशिया की सबसे बड़ी मंडी को खोला जाएगा जिस पर 10 हजार करोड़ रूपए का खर्च आएगा. यह मंडी दिल्ली की आजादपुर से भी बड़ी होगी.

जेपी दलाल ने बताया कि इसी प्रकार, पिंजौर में सेब मंडी, गुरूग्राम में फूलों की मंडी, सोनीपत में मसाला मंडी को खोलने की कवायद जारी है. किसानों के हित ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रहें, उसके तहत हरियाणा में 14 फसलों को खरीदा जा रहा है.

Last Updated : May 6, 2022 at 10:43 PM IST