ETV Bharat / state

ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनियों पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर, 128 करोड़ की जमीन से हटा कब्जा

ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण ने जेवर एयरपोर्ट के आस पास के क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की. जेसीबी की मदद से अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया गया. प्राधिकरण टीम ने करीब 63763 वर्गमीटर भूमि मुक्त कराई है. जिसकी कीमत तकरीबन 128 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

Etv Bharat
Etv Bharat
author img

By ETV Bharat Delhi Team

Published : December 27, 2023 at 7:03 AM IST

Choose ETV Bharat

नई दिल्ली/नोएडा: ग्रेटर नोएडा में यमुना प्राधिकरण के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने मंगलवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. इस दौरान प्राधिकरण की टीम ने करीब 63 हजार वर्ग मीटर जमीन कब्जा जमा कराया है. कब्जा मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 128 करोड़ रुपये आंकी गई है.

दरअसल, यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में कॉलोनाइजर के द्वारा अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही थी. इनकी शिकायत मिलने पर मंगलवार को यमुना प्राधिकरण का अतिक्रमण हटाओ दस्ता मौके पर पहुंची. जहां कॉलोनाइजर धड़ल्ले से अवैध कॉलोनी बसा रहे थे. इसके बाद अवैध अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से ढा दिया गया. इस दौरान लगभग डेढ़ लाख वर्ग मीटर जमीन को कॉलोनाइजर के कब्जे से प्राधिकरण ने मुक्त कराया है.

यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने प्राधिकरण की टीम के साथ अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति के कॉलोनाइजर के द्वारा कॉलोनियां विकसित की जा रही थी और जमीन पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा था. अवैध निर्माण व प्लाटिंग के खिलाफ उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट 1976 की धारा 10 के अंतर्गत गांव जेवर बांगर, मंगरोली व मेवला गोपालगढ़ से अतिक्रमण को हटाया. प्राधिकरण के द्वारा तीनों गांव की कुल क्षेत्रफल 6.3763 हेक्टेयर अर्थात 63763 वर्ग मीटर भूमि से अवैध अतिक्रमण को हटाया गया.

ये भी पढ़ें : एमसीडी ने कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग एवं अवैध निर्माण के खिलाफ की सख्त कार्रवाई

अतिक्रमण हटाओ अभियान के द्वारा मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 128 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस दौरान यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ भूलेख विभाग के अधिकारी, उप जिलाधिकारी जेवर के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही. इस दौरान अवैध कॉलोनियां काटने वाले कॉलोनाइजर्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है. साथ ही प्राधिकरण के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार की अवैध कॉलोनी में कोई भी व्यक्ति खरीद - फरोख्त न करें. अगर कोई व्यक्ति खरीद-फरोख़्त करता है तो उसके नुकसान के लिए प्राधिकरण जिम्मेदार नहीं होगा.

ये भी पढ़ें : ग्रेटर नोएडा में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, व्यापारियों के विरोध के बाद रोकी गई कार्रवाई