अब ड्राइविंग के गुर सिखाएगी दिल्ली सरकार, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट खोलेगा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
Delhi Driving Training Institute: केजरीवाल सरकार जल्द ही एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने जा रही है. इसमें लोगों को ड्राइविंग के गुर सिखाये जायेंगे. जानिए...

Published : December 18, 2023 at 2:26 PM IST
|Updated : December 18, 2023 at 3:24 PM IST
नई दिल्लीः अगर आप दिल्ली में रहते हैं और ड्राइविंग सीखना चाहते हैं तो चिंता न करें. दिल्ली सरकार ने इसकी व्यवस्था भी कर ली है. केजरीवाल सरकार जल्द ही एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने जा रही है. इसमें लोगों को ड्राइविंग के गुर सिखाये जायेंगे. इसमें शिक्षार्थियों को न केवल आधुनिक यातायात नियमों और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे आधुनिक टेस्ट ट्रैक पर वाहन चलाकर पढ़ाई भी कर सकेंगे. फिलहाल ऐसे दो सेंटर चल रहे हैं- एक सराय काले खां में और दूसरा लोनी में. दोनों मारुति सुजुकी से हैं. इसके अलावा दूसरा सेंटर बुराड़ी में है, जिसे अशोक लीलैंड चलाता है और बड़े वाहन चलाने की ट्रेनिंग देता है. इन पाठ्यक्रमों की अवधि आमतौर पर 3-4 सप्ताह होती है.
परिवहन मंत्री ने ये कहा: परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि, "सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्राइवर ठीक से प्रशिक्षित होना चाहिए. ये नए परीक्षण ट्रैक सेंसर और कैमरों से लैस हैं, जो 24 अलग-अलग पैमानों पर ड्राइविंग का परीक्षण करते हैं. यह शिक्षार्थियों को सड़क पर उतरने के लिए आवश्यक सभी कौशलों से सुसज्जित करता है."
परिवहन मंत्री ने आगे कहा कि इस जरूरत को पूरा करने के लिए हम अपने प्रत्येक आरटीओ के पास एडीटीटी के साथ एक ड्राइविंग इंस्टीट्यूट खोलेंगे. इसके लिए हम निजी कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावना भी तलाश रहे हैं.
क्या है मौजूदा व्यवस्था?: विशेषज्ञों को उम्मीद है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को प्रशिक्षित करने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (एडीटीटी) खोलने के दिल्ली सरकार के प्रस्तावित कदम से उत्तीर्ण प्रतिशत में वृद्धि होगी. वर्तमान में, दिल्ली में एक महीने में लगभग 40,000 लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देते हैं, जिनमें से 50% स्वचालित परीक्षण पास नहीं कर पाते हैं. परिवहन विभाग के अनुसर मैनुअल संस्करण में उत्तीर्ण प्रतिशत 80% तक अधिक है. उन्होंने कहा कि अगर लोगों को इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (आईडीटीआरएस) में प्रशिक्षित किया जाए तो ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट पास करने की संभावना बढ़ जाएगी क्योंकि इसमें स्वचालित ट्रैक हैं. हर आरटीओ का पास एक आधुनिक टेस्ट ट्रैक बनने जा रहा है, जिस पर कोई भी लाइसेंस टेस्ट से पहले खूब अभ्यास कर सकता है.
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यहां बनाए जा रहे ट्रैक: यह ट्रैक बुराड़ी, द्वारका सेक्टर 22, हरि नगर, जरोदा कलां, लाडो सराय, मयूर विहार, राजा गार्डन, रोहिणी सेक्टर 28, विश्वास नगर, वजीरपुर और शकूर बस्ती में बनाए जाएंगे. परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने में सबसे आगे रही है. इस उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए, ये नए ट्रैक लोगों के लिए लाइसेंस प्राप्त करना आसान बना देंगे.
विशेषताएँ: ये ट्रैक दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग बनाए जाएंगे. वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन किए गए ये ट्रैक नीचे दिए गए ड्राइविंग कौशल का परीक्षण करेंगे.
- रिवर्स समानांतर पार्किंग
- रिवर्स-एस पैटर्न में ड्राइविंग
- आपातकालीन ब्रेकिंग
- रैंप पर चढ़ना और उतरना
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