स्प्रिंकलर और मैकेनिकल स्वीपर ट्रकों के माध्यम से प्रदूषण पर लगाम लगा रही पूर्वी दिल्ली नगर निगम
प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी दिल्ली के तीनों नगर निगमों की होती है, लेकिन दिल्ली में प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से प्रदूषण की समस्या निगम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी दिल्ली के तीनों नगर निगमों की होती है, लेकिन नगर निगम के तमाम प्रयास के बावजूद दिल्ली में प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. बात अगर पूर्वी दिल्ली नगर निगम की करें, तो नगर निगम क्षेत्र में तीन ऐसी जगह हैं. जो प्रदूषण के हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं. यहां प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए पूर्वी दिल्ली नगर निगम के जरिए विशेष मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है.
हवा में मिले धूल के कण को जमीन पर बैठाने के लिए स्प्रिंकलर की सहायता ली जा रही है. अभी के समय पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में 45 स्प्रिंकलेरो की सहायता से प्रदूषण को नियंत्रित किया जा रहा है. इसके साथ ही सड़क किनारे लगे पेड़ पौधों पर भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि धूल के कण वहां न जम सकें.
30 टीमें कर रहीं निगरानी
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की 30 टीमें लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं और चालान काट रहे हैं. इन टीमों का मुख्य काम क्षेत्रों की निगरानी करना है और जहां कहीं भी खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है या किसी प्रकार का प्रदूषण लोगों द्वारा फैलाया जा रहा वहां यह टीम कार्रवाई कर रही है.
हो रही विशेष निगरानी
संदीप कपूर ने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में आनंद विहार, विवेक विहार और मंडोली हॉटस्पॉट है. यहां 24 घंटे निगम की मशीनों द्वारा प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा रहा है. साथ ही निगम के अधिकारी लगातार इन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके.
'फंड दे दिल्ली सरकार'
संदीप कपूर ने कहा कि निगम अपने स्तर से प्रयास तो कर रही है, लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा हमें समय से फंड नहीं दिया जा रहा, जिस कारण हमें कठिनाइयां हो रही हैं. निगम अपने स्तर से प्रदूषण के स्तर को कम करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा हमें कोई सहयोग नहीं मिल रहा.

