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वैशाली में नकली पेट्रोल डीजल बनाने का पर्दाफाश, अति संवेदनशील इलाके में मिला तेल का भंडार

वैशाली में नकली तेल फैक्ट्री का खुलासा (Fake oil factory exposed in Vaishali) हुआ है. गोदाम में नकली पेट्रोल डीजल बनाने का कारखाना चल रहा था. जहां से 40 ड्रम में रखा 8 हजार लीटर तरल पदार्थ बरामद किया गया है. ऐसे में गांव के सैकड़ों लोगों की जान खतरे में थी. पढ़ें पूरी खबर..

वैशाली में नकली पेट्रोल डीजल बनाने का पर्दाफाश
वैशाली में नकली पेट्रोल डीजल बनाने का पर्दाफाश
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Published : May 8, 2022 at 4:15 PM IST

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वैशाली: बिहार के वैशाली में नकली पेट्रोल डीजल बनाने का खुलासा (exposed of making fake petrol and diesel in Vaishali) हुआ है. दरअसल, जिले के पातेपुर से है, जहां कृष्णवाड़ा गांव के एक घर मे नकली पेट्रोल डीजल बनाए जाने का पर्दाफाश हुआ है. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने पातेपुर थाना की पुलिस के साथ छापेमारी करते हुए एक गोदाम से एक हजार लीटर नकली डीजल 800 लीटर पेट्रोल और 1200 लीटर केरोसिन तेल जब्त किया है.

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गोदाम बनाकर नकली तेल बनाने का खेल: वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के बयान पर पातेपुर थाना में घर मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और अवैध भंडारण का केस दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि पातेपुर थाना क्षेत्र (Patepur Police Station Area) के कृष्णवाड़ा गांव के विकास कुमार के घर के सामने एक गोदाम बनाकर नकली तेल बनाने और अवैध भंडारण करने की सूचना प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को मिली थी. जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार दलबल के साथ गोदाम पर धावा बोला.

पुलिस ने की छापेमार कार्रवाई: छापेमारी में 40 ड्राम, 3 फिल्टर, 2 गैलन, 2 पाइप और 5 लीटर का एक मापक के साथ लाल रंग का एक तरल पदार्थ प्लास्टिक के गैलन में रखा हुआ था. जांच के दौरान पता चला कि गोदाम विकास कुमार का ही है. जहां 5 ड्रम में एक हजार लीटर डीजल, 4 ड्रम में 800 लीटर पेट्रोल और 7 ड्रम में लगभग 1200 लीटर केरोसिन तेल रखा हुआ था. एक निजी गोदाम में भारी मात्रा में डीजल, पेट्रोल और केरोसिन तेल का भंडारण देख पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए. जिसे पुलिस ने तत्काल जब्त कर लिया.

नहीं हो सकी किसी की गिरफ्तारी: वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार ने खुद के बयान पर पातेपुर थाना में विकास कुमार पर केस दर्ज कराया है, जिसकी जांच शुरू हो गई है. हालांकि, इस दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन गांव की सघन आबादी के बीच उतनी बड़ी मात्रा में अति संवेदनशील माने जाने वाले डीजल व पेट्रोल रखना बड़ा सवाल है. समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई कर नहीं तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था. सूत्र बताते हैं कि जिला मुख्यालय हाजीपुर से दूरदराज इलाकों में कई जगहों पर इस तरह का गोरखधंधा चलता है. जिसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी रहती है. बावजूद किसी भी तरीके की कोई कार्रवाई नहीं होती है.

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