राजद कार्यालय में इंडिया गठबंधन की बैठक, सांसदों के निलंबन के विरोध में शुक्रवार को निकाला जाएगा 'प्रतिरोध मार्च'
mahagathbandhan Protest march संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. 13 दिसंबर संसद की सुरक्षा चूक के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही आमने-सामने. इस दौरान हंगामे के कारण अबतक 141 विपक्षी सांसदों को निलंबित किया जा चुका है. इसके विरोध में बिहार में महागठबंधन ने प्रतिरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है. पढ़ें, विस्तार से.


Published : December 21, 2023 at 7:00 PM IST
पटनाः राजद कार्यालय में आज गुरुवार 12 दिसंबर को इंडिया गठबंधन के घटक दलों की बैठक हुई. बैठक में संसद से सांसदों के निलंबन पर चर्चा की गई. साथ ही निर्णय लिया गया की कल यानी कि शुक्रवार को पूरे बिहार में सांसद के निलंबन के विरोध के प्रतिरोध मार्च निकाला जाएगा. पटना में इनकम टैक्स गोलंबर से यह प्रतिरोध मार्च निकलकर पटना समाहरणालय तक जाएगा. केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध के यह मार्च निकाला जाएगा.
संसद में जो हुआ वह अच्छा नहींः महागठबंधन की बैठक में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, सीपीआईएमएल के राज्य सचिव धीरेंद्र झा, सीपीआई के रामबाबू सिंह सहित कई नेता शामिल हुए. बैठक में कांग्रेस के विधायक शकील अहमद भी वर्चुअल रूप में मौजूद रहे. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि संसद में जो कुछ हुआ वो कहीं से भी उचित नहीं है.
"केंद्र सरकार मनमानी कर रही है. सांसद को सवाल पूछने पर निलंबित किया जा रहा है. ये कहां का कानून है. मोदी सरकार तानाशाही कर रही है. ये नहीं चलने वाला है. इसका विरोध करने ही हम सड़क पर उतरेंगे."- उमेश कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष, जदयू
"सदन की गरिमा को समाप्त किया जा रहा है. आज तक देश के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ था कि कोई सदस्य सवाल पूछे और इसके बदले उन्हें सदन से निलंबित कर दिया जाय ये तानशाही है और इसके खिलाफ हमलोग प्रतिरोध मार्च करेंगे."- जगदानंद सिंह, राजद के प्रदेश अध्यक्ष
लोकतंत्र खतरे मेंः राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि पूरा इंडिया गठबंधन शुक्रवार को सड़क पर उतर कर मोदी सरकार के रवैया का विरोध करेगा. इस दौरान जनता को बताया जाएगा कि मोदी सरकार तानाशाही कर रही है. किस तरह लोकतंत्र को खतरे में डाला जा रहा है.
क्या है मामलाः बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. 13 दिसंबर संसद की सुरक्षा चूक के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही आमने-सामने. विपक्ष इस मसले पर प्रधानमंत्री को बयान देने के लिए बुला रही है. इस दौरान हंगामा करने के आरोप में अबतक 141 विपक्षी सांसदों (दोनों सदनों के) को निलंबित किया जा चुका है. इससे विपक्ष में और नाराजगी है.
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