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अररिया सदर अस्पताल में इंजेक्शन लगाते ही मरीज की मौत, आक्रोशित परिजनों ने काटा बवाल

Araria Sadar Hospital में इलाज के लिए आए एक मरीज की इंजेक्शन लगाते ही मौत हो गई. ये देख कंपाउंडर ने परिजन से पर्ची लेकर फाड़ दी और डॉक्टर के साथ फरार हो गया. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और मुख्य सड़क को घंटों जाम रखा.

परिजनों का हंगामा
परिजनों का हंगामा

Published : August 29, 2022 at 8:31 AM IST

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Updated : August 29, 2022 at 9:33 AM IST

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अररियाः बिहार के अररिया सदर अस्पताल में मरीज की मौत (Death Of Patient In Araria Sadar Hospital) हो गई, जिसके बाद परिजनों ने वहां जमकर बवाल काटा. आक्रोशित परिजनों (Family Ruckus At Sadar Hospital In Araria) ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और हॉस्पिटल के सामने गेट पर टायर जलाकर मुख्य सड़क को जाम कर दिया. घटना रविवार देर शाम की है. युवक की मौत के बाद चिकित्सक और कंपाउंडर वहां से फरार हो गए और पर्ची को फाड़ दिया. वहीं, सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस परिजनों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराने की कोशिश में लगे रही लेकिन परिजन मानने के लिए तैयार नहीं थे.

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इंजेक्शन लगाते ही मरीज की मौतः परिजनों ने बताया कि वो 22 वर्षीय युवक मोहम्मद बारिक को कमजोरी और पांव में झुनझुनी की शिकायत के कारण सदर अस्पताल इलाज के लिए लाए थे. जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने उसे सुई लगाने की सलाह दी. अस्पताल के कंपाउंडर ने उसे तीन इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगाने के साथ ही युवक की मौत हो गई. जैसे ही युवक की मौत हुई मौके से चिकित्सक और कंपाउंडर वहां से फरार हो गए और उससे पहले पर्ची को फाड़ दिया. जिससे परिजनों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी. मृतक के परिजनों ने डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

"वार्ड नंबर 28 मिर्जाभाग से 22 साल के मोहम्मद बारिक को कमजोरी और पांव में झुनझुनी के कारण लेकर आए थे. डॉक्टर ने पता नहीं कैसा सूई दिया. तीन सूई लगाई मरीज मर गया. उसके बाद कंपाउंडर पर्ची लेकर फाड़ दिया. डॉक्टर भाग गया जो सूई लिखा था. इतवार था इसीलिए इमर्जंसी में लेकर आए थे, पराईवेट सब बंद था. हमलोग को इंसाफ दिया जाए. करीम डॉक्टर था उसको पकड़ा जाए"- नूरजहां, परिजन

घंटों जाम रही सड़कः घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीओ शैलेश चंद्र दिवाकर और नगर थाना अध्यक्ष शिव शरण साह मौके पर पहुंचे. उन्होंने आक्रोशितों को समझाने की पूरी कोशिश की लेकिन आक्रोशित परिजन मानने को तैयार नहीं थे. उनका कहना था कि डॉक्टर और कंपाउंडर पर एफआईआर दर्ज किया जाए. काफी प्रयास के बाद एसडीओ ने कहा कि शव का पोस्टमॉर्टम कराने दीजिए उसके बाद जैसा होगा किया जाएगा, लेकिन इसके बाद भी घंटों सड़क जाम रही. देर रात तक आक्रोशित परिजन अस्पताल के पास ही मौजूद थे. वहीं, अस्पताल से सारे चिकित्सक और कर्मी फरार हो गए हैं.

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Last Updated : August 29, 2022 at 9:33 AM IST