यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब को जमानत पर रोक के बाद भेजा गया तिहाड़ जेल, विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह - UDAYBHANU CHIB SENT TO TIHAR JAIL
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Published : March 1, 2026 at 8:42 PM IST
एआई इंपैक्ट समिट में शर्ट लेस प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब की सेशन कोर्ट से जमानत पर रोक लगने के बाद अब तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. इसका विरोध करते हुए यूथ कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट लिखकर दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए हैं. एक्स हैंडल पर यूथ कांग्रेस की ओर से लिखा गया है, कल आधी रात को दिल्ली पुलिस द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी गई. जिसे न्यायालय ने अवैध बताते हुए खारिज कर दिया और हमारे अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. एक पल के लिए लगा कि सत्ता का यह दमन अब रुकने वाला है, लेकिन दिल्ली पुलिस को ऊपर से कुछ और ही निर्देश थे. जब हमारे वकील जमानत मुचलके आदि की कानूनी कार्यवाही कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच चुपके से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ सेशंस कोर्ट पहुँच गई. हमारे पक्ष को सुने बिना ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के जमानत आदेश पर स्टे लगा दिया गया और अगली सुनवाई की तारीख 6 मार्च तय की गई. हम एक संगठन के नाते न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और इस आदेश के खिलाफ हर संभव कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस और सरकार के हर मंसूबे नाकाम होंगे, जिस तरह दिल्ली पुलिस हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाखों के पीछे रखकर अपने आकाओं को भारत विरोधी ट्रेड डील पर पूछे जा रहे सवालों से बचाना चाहती है, उसमें वह कभी कामयाब नहीं होगी. युवा-किसान विरोधी ट्हमारे सभी साथियों की गिरफ्तारी के खिलाफ अब हमारा संघर्ष और तेज होगा. अंततः सच्चाई और न्याय की जीत होगी.
एआई इंपैक्ट समिट में शर्ट लेस प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब की सेशन कोर्ट से जमानत पर रोक लगने के बाद अब तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. इसका विरोध करते हुए यूथ कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट लिखकर दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए हैं. एक्स हैंडल पर यूथ कांग्रेस की ओर से लिखा गया है, कल आधी रात को दिल्ली पुलिस द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी गई. जिसे न्यायालय ने अवैध बताते हुए खारिज कर दिया और हमारे अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. एक पल के लिए लगा कि सत्ता का यह दमन अब रुकने वाला है, लेकिन दिल्ली पुलिस को ऊपर से कुछ और ही निर्देश थे. जब हमारे वकील जमानत मुचलके आदि की कानूनी कार्यवाही कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच चुपके से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ सेशंस कोर्ट पहुँच गई. हमारे पक्ष को सुने बिना ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के जमानत आदेश पर स्टे लगा दिया गया और अगली सुनवाई की तारीख 6 मार्च तय की गई. हम एक संगठन के नाते न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और इस आदेश के खिलाफ हर संभव कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस और सरकार के हर मंसूबे नाकाम होंगे, जिस तरह दिल्ली पुलिस हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाखों के पीछे रखकर अपने आकाओं को भारत विरोधी ट्रेड डील पर पूछे जा रहे सवालों से बचाना चाहती है, उसमें वह कभी कामयाब नहीं होगी. युवा-किसान विरोधी ट्हमारे सभी साथियों की गिरफ्तारी के खिलाफ अब हमारा संघर्ष और तेज होगा. अंततः सच्चाई और न्याय की जीत होगी.

