क्या सोनम रघुवंशी की जमानत होगी रद्द? सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये दो कड़े विकल्प - सुप्रीम कोर्ट सोनम रघुवंशी जमानत

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क्या सोनम रघुवंशी की जमानत होगी रद्द? (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : July 21, 2026 at 9:05 PM IST

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द करने पर विचार कर रहा है. सोनम अपने पति राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई कथित हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है. इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने की. पीठ ने यह टिप्पणी राज्य सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम की जमानत को बरकरार रखने के आदेश को चुनौती दी गई है. राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि सोनम घटना के बाद फरार हो गई थी और सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आई. मेहता ने बताया कि उसके पति का शव 10 दिनों के बाद ड्रोन की मदद से बरामद किया गया था. उसका चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था. शव की पहचान केवल टैटू के जरिए ही हो सकी थी. पीठ ने सोनम के वकील से पूछा कि वह अपनी मुवक्किल के इस व्यवहार को कैसे स्पष्ट करेंगे? कोर्ट ने कहा कि मामला यह है कि आप (सोनम) राजा के साथ उस स्थान पर गईं और वहीं यह घटना घटी. पीठ को सूचित किया गया कि मामले में अभियोजन पक्ष के 94 गवाहों में से अब तक केवल चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. पीठ ने संकेत दिया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा मुख्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाने तक सोनम को इस बीच आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. इसके बाद अदालत मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर उसकी जमानत पर दोबारा विचार कर सकती है. पीठ ने सोनम के वकील से इस बात पर सहमति लेने को कहा कि क्या उनकी मुवक्किल जमानत पर आगे विचार होने तक आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार है.

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द करने पर विचार कर रहा है. सोनम अपने पति राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई कथित हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है. इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने की. पीठ ने यह टिप्पणी राज्य सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम की जमानत को बरकरार रखने के आदेश को चुनौती दी गई है. राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि सोनम घटना के बाद फरार हो गई थी और सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आई. मेहता ने बताया कि उसके पति का शव 10 दिनों के बाद ड्रोन की मदद से बरामद किया गया था. उसका चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था. शव की पहचान केवल टैटू के जरिए ही हो सकी थी. पीठ ने सोनम के वकील से पूछा कि वह अपनी मुवक्किल के इस व्यवहार को कैसे स्पष्ट करेंगे? कोर्ट ने कहा कि मामला यह है कि आप (सोनम) राजा के साथ उस स्थान पर गईं और वहीं यह घटना घटी. पीठ को सूचित किया गया कि मामले में अभियोजन पक्ष के 94 गवाहों में से अब तक केवल चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. पीठ ने संकेत दिया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा मुख्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाने तक सोनम को इस बीच आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. इसके बाद अदालत मेरिट (गुण-दोष) के आधार पर उसकी जमानत पर दोबारा विचार कर सकती है. पीठ ने सोनम के वकील से इस बात पर सहमति लेने को कहा कि क्या उनकी मुवक्किल जमानत पर आगे विचार होने तक आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार है.