पश्चिम बंगाल : TMC से निकाले गए ऋतब्रत बनर्जी बने विधानसभा में विपक्ष के नेता, बागी 58 MLA को स्पीकर की मंजूरी - TMC SPLIT
🎬 Watch Now: Feature Video

Published : June 3, 2026 at 8:41 PM IST
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी में टूट हो गई है. पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी समेत 58 बागी नेताओं को विधानसभा स्पीकर ने मंजूर दे दी है. स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दी. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायकों ने स्पीकर रवीन्द्र नाथ बोस से मुलाकात कर उनसे कहा था कि वे टीएमस के असली गुट हैं और ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी जाए. वैसे, चुनावों में हार के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने शुरू में बालीगंज से विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधायक दल का नेता चुना था. इसके बाद, पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव ने विधानसभा को एक पत्र भेजा. इस पत्र में आधिकारिक फैसला बताया गया और अनुरोध किया गया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता दी जाए. जल्द ही उस पत्र पर हस्ताक्षर की जालसाजी के आरोप सामने आए. सीआईडी ने मामले की जांच शुरू कीय जांच अधिकारी कई विधायकों के घरों पर गए, और अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस दिया गया. इस बदलते हालात के बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तृणमूल के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने हस्ताक्षर की जालसाजी का मामला सामने लाया था. इसके तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस ने इन दोनों विधायकों को पार्टी से निकाल दिया.
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी में टूट हो गई है. पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी समेत 58 बागी नेताओं को विधानसभा स्पीकर ने मंजूर दे दी है. स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दी. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायकों ने स्पीकर रवीन्द्र नाथ बोस से मुलाकात कर उनसे कहा था कि वे टीएमस के असली गुट हैं और ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दे दी जाए. वैसे, चुनावों में हार के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने शुरू में बालीगंज से विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधायक दल का नेता चुना था. इसके बाद, पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव ने विधानसभा को एक पत्र भेजा. इस पत्र में आधिकारिक फैसला बताया गया और अनुरोध किया गया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता दी जाए. जल्द ही उस पत्र पर हस्ताक्षर की जालसाजी के आरोप सामने आए. सीआईडी ने मामले की जांच शुरू कीय जांच अधिकारी कई विधायकों के घरों पर गए, और अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस दिया गया. इस बदलते हालात के बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तृणमूल के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने हस्ताक्षर की जालसाजी का मामला सामने लाया था. इसके तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस ने इन दोनों विधायकों को पार्टी से निकाल दिया.

