अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमले किए तेज, ईरान ने खाड़ी देशों पर दागी बैलिस्टिक मिसाइल - IRAN WAR DAY 12

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अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमले किए तेज (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 11, 2026 at 11:05 PM IST

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ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध में बुधवार को 12वें दिन दोनों तरफ से हमले तेज हो गए हैं. इजराइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले लगातार जारी है. वहीं, ईरान की ओर से भी इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जा रहा है. इजराइल लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह पर हमला कर रहा है, जबकि ये लड़ाके इजराइल में रॉकेट दाग रहा है. पूरे इलाके में हताहतों की संख्या बढ़ रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार इस युद्ध में अब तक 1300 लोगों के मारे जाने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पिछले 24 घंटों में लेबनान में 100000 से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं. ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान में कम से कम 460 लोग मारे गए हैं और 4,309 घायल हुए हैं. लड़ाई शुरू होने के बाद से लेबनान में लगभग 7,60,000 लोग बेघर हुए हैं. दूसरी ओर ग्लोबल मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया क्योंकि तेल की कीमतें 120 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, फिर 90 अमेरिकी डॉलर से नीचे गिर गई, जिससे थाईलैंड और मिस्र जैसे देशों ने इमरजेंसी फ्यूल बचाने के उपाय लागू किए.

ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध में बुधवार को 12वें दिन दोनों तरफ से हमले तेज हो गए हैं. इजराइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले लगातार जारी है. वहीं, ईरान की ओर से भी इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जा रहा है. इजराइल लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह पर हमला कर रहा है, जबकि ये लड़ाके इजराइल में रॉकेट दाग रहा है. पूरे इलाके में हताहतों की संख्या बढ़ रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार इस युद्ध में अब तक 1300 लोगों के मारे जाने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि पिछले 24 घंटों में लेबनान में 100000 से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं. ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान में कम से कम 460 लोग मारे गए हैं और 4,309 घायल हुए हैं. लड़ाई शुरू होने के बाद से लेबनान में लगभग 7,60,000 लोग बेघर हुए हैं. दूसरी ओर ग्लोबल मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया क्योंकि तेल की कीमतें 120 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, फिर 90 अमेरिकी डॉलर से नीचे गिर गई, जिससे थाईलैंड और मिस्र जैसे देशों ने इमरजेंसी फ्यूल बचाने के उपाय लागू किए.

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