फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 'बदला हुआ टाइटल बताए बिना फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे' - SC TAKES A TOUGH STAND ON THE FILM

🎬 Watch Now: Feature Video

thumbnail
फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर सुप्रीम कोर्ट सख्त (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 12, 2026 at 8:47 PM IST

1 Min Read
Choose ETV Bharat

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल पर कड़ी आपत्ती जताई है. अदालत ने कहा कि, अगर फिल्म का नाम नहीं बदला गया तो उसकी रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने निर्माताओं से कहा कि, आफ ऐसे शीर्षक का इस्तेमाल करके समाज के एक वर्ग को बदनाम नहीं कर सकते हैं. यह नैतिकता और सार्वजनिक आदेश के खिलाफ है. अदालत ने फिल्ममेकर नीरज पांडे की फिल्म 'घूसखोर पंडित' को लेकर उनकी खिंचाई की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, जब तक फिल्म का टाइटल बदला नहीं जाएगा तब तक वह फिल्म को रिलीज करने की इजाजत नहीं देगा. बेंच ने पांडे को एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया. बेंच इस मामले पर 19 फरवरी को फिर से सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने वाली फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी. फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता हैं. याचिका में जाति और धर्म से जुड़ी टाइटल 'पंडत' के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई, साथ ही घूसखोर शब्द का मतलब रिश्वत और नैतिक भ्रष्टाचार है.

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल पर कड़ी आपत्ती जताई है. अदालत ने कहा कि, अगर फिल्म का नाम नहीं बदला गया तो उसकी रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने निर्माताओं से कहा कि, आफ ऐसे शीर्षक का इस्तेमाल करके समाज के एक वर्ग को बदनाम नहीं कर सकते हैं. यह नैतिकता और सार्वजनिक आदेश के खिलाफ है. अदालत ने फिल्ममेकर नीरज पांडे की फिल्म 'घूसखोर पंडित' को लेकर उनकी खिंचाई की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, जब तक फिल्म का टाइटल बदला नहीं जाएगा तब तक वह फिल्म को रिलीज करने की इजाजत नहीं देगा. बेंच ने पांडे को एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया. बेंच इस मामले पर 19 फरवरी को फिर से सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने वाली फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी. फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता हैं. याचिका में जाति और धर्म से जुड़ी टाइटल 'पंडत' के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई, साथ ही घूसखोर शब्द का मतलब रिश्वत और नैतिक भ्रष्टाचार है.

ABOUT THE AUTHOR

...view details