जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़: दो श्रद्धालु की मौत, 300 से अधिक अस्पताल में भर्ती, CM ने दिए जांच के आदेश - पुरी रथ यात्रा में भगदड़
🎬 Watch Now: Feature Video

Published : July 16, 2026 at 9:37 PM IST
जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन गुरुवार को पुरी के ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर भक्तों की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. खबर के मुताबिक, भीड़ के कारण बेहोश होने से दो लोगों की मौत हो गई. वहीं, कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच के आदेश दिए हैं. खबर के मुताबिक, रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ और अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से 300 से ज्यादा लोगों का अभी भी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. एक्स पोस्ट, ओडिशा पुलिस ने कहा कि, ओडिशा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने आज सुबह से भारी भीड़ से 33 भक्तों को सुरक्षित बचाया है. बचाए गए भक्तों को तुरंत प्राथिमिक उपचार और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जिसके बाद उन्हें आगे की उपचार के लिए पास के अस्पताल में ले जाया गया. गुरुवार शाम तक, रथ यात्रा के दौरान सेहत से जुड़ी अलग-अलग शिकायतों के चलते करीब 300 लोगों को पुरी जिला जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूत्रों ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन गुरुवार को पुरी के ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर भक्तों की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. खबर के मुताबिक, भीड़ के कारण बेहोश होने से दो लोगों की मौत हो गई. वहीं, कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच के आदेश दिए हैं. खबर के मुताबिक, रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ और अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से 300 से ज्यादा लोगों का अभी भी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. एक्स पोस्ट, ओडिशा पुलिस ने कहा कि, ओडिशा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने आज सुबह से भारी भीड़ से 33 भक्तों को सुरक्षित बचाया है. बचाए गए भक्तों को तुरंत प्राथिमिक उपचार और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जिसके बाद उन्हें आगे की उपचार के लिए पास के अस्पताल में ले जाया गया. गुरुवार शाम तक, रथ यात्रा के दौरान सेहत से जुड़ी अलग-अलग शिकायतों के चलते करीब 300 लोगों को पुरी जिला जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूत्रों ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.

