शुभेंदु कैबिनेट का फैसला: महिलाओं को मिलेंगे ₹3000 महीना, सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा को मंजूरी - WEST BENGAL CABINET DECISION
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Published : May 18, 2026 at 8:40 PM IST
पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने सोमवार को 1 जून से महिलाओं को 3,000 रुपये महीने की मदद देने वाली 'अन्नपूर्णा' स्कीम को मंज़ूरी दे दी और सरकारी बसों में उनके लिए मुफ़्त यात्रा की इजाजत दे दी. बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जिन महिलाओं ने सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया है, उन्हें भी 'अन्नपूर्णा' स्कीम का फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कर्मचारियों, और संबंधित कानूनी नगर निकाय, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षा संस्थानों में काम करने वाले स्टाफ के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग बनाने को भी मंज़ूरी दे दी है. बंगाल कैबिनेट ने जून से धार्मिक कैटेगरी के आधार पर ग्रुप्स को सरकारी मदद बंद करने का फैसला किया है. पॉल ने कहा, "सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार मौजूदा राज्य ओबीसी सूची को भी खत्म कर दिया है और कोटा पात्रता तय करने के लिए एक जांच पैनल बनाएगी." बता दें कि इसका प्रपोजल हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के संकल्प पत्र मे था. अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जो महिलाएं पिछली लक्ष्मीर भंडार स्कीम के तहत मासिक रुपये ले रही थीं, जो पिछली ममता बनर्जी की सरकार द्वारा चलाई गई एक ऐसी ही वित्तीय मदद स्कीम है, वे अपने आप नए अन्नपूर्णा भंडार प्रोजेक्ट से जुड़ जाएंगी. पॉल ने बताया, “पैसा अपने आप उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा. जिन लोगों को अब तक लक्ष्मीर भंडार स्कीम का फायदा नहीं मिल रहा था, वे अब अन्नपूर्णा भंडार स्कीम के तहत नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं. नए आवेदन तभी किए जा सकते हैं जिसके लिए जल्द ही एक नया पोर्टल खोला जाएगा.” उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने अगले महीने से राज्य के सूचना और सांस्कृतिक मामलों और अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभागों के तहत धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर दी जाने वाली सभी सहायक योजनाओं को रोकने का फैसला किया है. पॉल ने कहा, "ऐसी स्कॉलरशिप सिर्फ इसी महीने के लिए लागू होगी और 1 जून से बंद कर दी जाएगी."
पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने सोमवार को 1 जून से महिलाओं को 3,000 रुपये महीने की मदद देने वाली 'अन्नपूर्णा' स्कीम को मंज़ूरी दे दी और सरकारी बसों में उनके लिए मुफ़्त यात्रा की इजाजत दे दी. बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जिन महिलाओं ने सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया है, उन्हें भी 'अन्नपूर्णा' स्कीम का फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कर्मचारियों, और संबंधित कानूनी नगर निकाय, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षा संस्थानों में काम करने वाले स्टाफ के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग बनाने को भी मंज़ूरी दे दी है. बंगाल कैबिनेट ने जून से धार्मिक कैटेगरी के आधार पर ग्रुप्स को सरकारी मदद बंद करने का फैसला किया है. पॉल ने कहा, "सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार मौजूदा राज्य ओबीसी सूची को भी खत्म कर दिया है और कोटा पात्रता तय करने के लिए एक जांच पैनल बनाएगी." बता दें कि इसका प्रपोजल हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के संकल्प पत्र मे था. अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जो महिलाएं पिछली लक्ष्मीर भंडार स्कीम के तहत मासिक रुपये ले रही थीं, जो पिछली ममता बनर्जी की सरकार द्वारा चलाई गई एक ऐसी ही वित्तीय मदद स्कीम है, वे अपने आप नए अन्नपूर्णा भंडार प्रोजेक्ट से जुड़ जाएंगी. पॉल ने बताया, “पैसा अपने आप उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा. जिन लोगों को अब तक लक्ष्मीर भंडार स्कीम का फायदा नहीं मिल रहा था, वे अब अन्नपूर्णा भंडार स्कीम के तहत नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं. नए आवेदन तभी किए जा सकते हैं जिसके लिए जल्द ही एक नया पोर्टल खोला जाएगा.” उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने अगले महीने से राज्य के सूचना और सांस्कृतिक मामलों और अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभागों के तहत धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर दी जाने वाली सभी सहायक योजनाओं को रोकने का फैसला किया है. पॉल ने कहा, "ऐसी स्कॉलरशिप सिर्फ इसी महीने के लिए लागू होगी और 1 जून से बंद कर दी जाएगी."

