शिमला में बेघर परिवारों की दर्द भरी दास्तां, जीवन भर की पूंजी लगाई, ब्लास्टिंग से कई मकानों में आई दरारें... - SHIMLA CHALAUNTHI TUNNEL COLLAPSES

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चलौंठी टनल निर्माण से बेघर परिवारों की दर्द भारी कहानी (ETV Bharat)

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 11, 2026 at 6:24 PM IST

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Updated : January 11, 2026 at 8:06 PM IST

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शिमला: राजधानी शिमला के उपनगर संजौली के साथ लगते इलाके में लोगों को अपने घरों की चिंता सताने लगी है. चलौंठी में निर्माणाधीन टनल के अंदर मलबा भर जाने से टनल बंद हो गयी है. टनल के शुरू में ही मलबा गिर गया, जिससे टनल जो आर पार दिखती थी अब बंद हो गयी है. टनल में मलबा गिरने से ऊपर बंद मकानों में दरारें पड़ गयी हैं, जिससे अब लोगों को डर सताने लगा है. टनल निर्माण के कारण एक 6 मंजिला रिहायशी मकान में बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे 15 परिवारों को रात में ही घर खाली करना पड़ा. ये परिवार कड़ाके की ठंड में सड़क पर आ गए. मकान के अलावा, ढली-संजौली बाईपास सड़क में भी दरारें आई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. इसके अलावा देर रात होटल भी खाली करवाया गया, जिसमें पर्यटक काफी संख्या में रुके हुए थे.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि, टनल निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और बड़ी मशीनों के इस्तेमाल से घरों में दरारें आई हैं. प्रभावितों का कहना है कि, तीन दिन पहले ही दीवारों में हल्की दरारें दिखने लगी थीं, लेकिन निर्माण कंपनी और प्रशासन ने इस बाबत कोई कार्रवाई नहीं की. एक स्थानीय महिला ने बताया कि, उनके जीवन भर की कमाई अब खतरे की जद में आ गई है. उन्होंने कहा कि, एक-एक पैसा जमा करके बड़ी मुश्किल से उन्होंने मकान बनवाया था, अब मकान में दरारें आ गई हैं. ऐसे में अब यह चिंता सता रही है कि बुढ़ापे की दहलीज पर अब जाएं तो कहां जाएं, कोई सुनने वाला नहीं है. 

स्थानीय लोगों का कहना है कि, उन्होंने प्रशासन को पहले भी सूचना दी थी लेकिन प्रशासन की ओर से कहा गया कि वह पहली बार टनल नहीं बना रहे हैं. सब ठीक है, कुछ नहीं होगा. रात के समय टक-टक की आवाज आयी तो सभी लोग घर से बाहर दौड़े तब पता लगा कि घर के नीचे बन रही टनल बैठ गयी है. प्रभावित परिवारों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं हैं जब टनल निर्माण से घरों को खतरा पैदा हुआ है. पिछले महीने भट्टा कुफर में भी टनल निर्माण के कारण सड़क पड़ बड़ा गड्ढा हो गया था और घरों को खतरा हो गया. कई घरो में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गयी हैं. अब चलौंठी में टनल धंसने से लोगों में डर बैठ गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल प्रशासन ने टनल में ब्लास्टिंग करने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है, लेकिन टनल का निर्माण कार्य जारी है.

शिमला: राजधानी शिमला के उपनगर संजौली के साथ लगते इलाके में लोगों को अपने घरों की चिंता सताने लगी है. चलौंठी में निर्माणाधीन टनल के अंदर मलबा भर जाने से टनल बंद हो गयी है. टनल के शुरू में ही मलबा गिर गया, जिससे टनल जो आर पार दिखती थी अब बंद हो गयी है. टनल में मलबा गिरने से ऊपर बंद मकानों में दरारें पड़ गयी हैं, जिससे अब लोगों को डर सताने लगा है. टनल निर्माण के कारण एक 6 मंजिला रिहायशी मकान में बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे 15 परिवारों को रात में ही घर खाली करना पड़ा. ये परिवार कड़ाके की ठंड में सड़क पर आ गए. मकान के अलावा, ढली-संजौली बाईपास सड़क में भी दरारें आई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. इसके अलावा देर रात होटल भी खाली करवाया गया, जिसमें पर्यटक काफी संख्या में रुके हुए थे.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि, टनल निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और बड़ी मशीनों के इस्तेमाल से घरों में दरारें आई हैं. प्रभावितों का कहना है कि, तीन दिन पहले ही दीवारों में हल्की दरारें दिखने लगी थीं, लेकिन निर्माण कंपनी और प्रशासन ने इस बाबत कोई कार्रवाई नहीं की. एक स्थानीय महिला ने बताया कि, उनके जीवन भर की कमाई अब खतरे की जद में आ गई है. उन्होंने कहा कि, एक-एक पैसा जमा करके बड़ी मुश्किल से उन्होंने मकान बनवाया था, अब मकान में दरारें आ गई हैं. ऐसे में अब यह चिंता सता रही है कि बुढ़ापे की दहलीज पर अब जाएं तो कहां जाएं, कोई सुनने वाला नहीं है. 

स्थानीय लोगों का कहना है कि, उन्होंने प्रशासन को पहले भी सूचना दी थी लेकिन प्रशासन की ओर से कहा गया कि वह पहली बार टनल नहीं बना रहे हैं. सब ठीक है, कुछ नहीं होगा. रात के समय टक-टक की आवाज आयी तो सभी लोग घर से बाहर दौड़े तब पता लगा कि घर के नीचे बन रही टनल बैठ गयी है. प्रभावित परिवारों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं हैं जब टनल निर्माण से घरों को खतरा पैदा हुआ है. पिछले महीने भट्टा कुफर में भी टनल निर्माण के कारण सड़क पड़ बड़ा गड्ढा हो गया था और घरों को खतरा हो गया. कई घरो में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गयी हैं. अब चलौंठी में टनल धंसने से लोगों में डर बैठ गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल प्रशासन ने टनल में ब्लास्टिंग करने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है, लेकिन टनल का निर्माण कार्य जारी है.

Last Updated : January 11, 2026 at 8:06 PM IST

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