शेख हसीना दिसंबर में बांग्लादेश लौटकर करेंगी सरेंडर, बोलीं- 'मौत आए तो अपनी मिट्टी पर आए' - HASINA WILL RETURN TO BANGLADESH
🎬 Watch Now: Feature Video

Published : July 10, 2026 at 8:52 PM IST
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दिसंबर महीने में बांग्लादेश लौट सकती हैं. हालांकि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें अपनी हत्या का शक है, तब भी वे अपने देश लौटेंगी और अपनी पार्टी आवामी लीग के दूसरे देश निकाले गए नेताओं के साथ सरेंडर करेंगी. न्यूज एजेंसी ANI ने रॉयटर्स के हवाले से ये बात कही है. शेख हसीना ने कहा कि वे मेरे लौटने पर मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, वे मुझे मार भी सकते हैं. फिर भी मुझे जाना होगा.
शेख हसीना ने कहा कि वह बांग्लादेश लौटने पर कोर्ट के सामने सरेंडर करने का प्लान बना रही हैं, हालांकि इस संबंध में उनकी ढाका में मौजूदा अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं हुई है. हसीना ने बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई है, साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वो अपने देश में इसके नतीजों का सामना करेंगी.
78 साल की शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद भारत आ गईं थीं, जिसके बाद सेना ने उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया था. मोहम्मद यूनुस को उनकी जगह अंतरिम सरकार का सलाहकार बनाया गया. इसी साल फरवरी में देश में हुए आम चुनाव तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दिसंबर महीने में बांग्लादेश लौट सकती हैं. हालांकि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें अपनी हत्या का शक है, तब भी वे अपने देश लौटेंगी और अपनी पार्टी आवामी लीग के दूसरे देश निकाले गए नेताओं के साथ सरेंडर करेंगी. न्यूज एजेंसी ANI ने रॉयटर्स के हवाले से ये बात कही है. शेख हसीना ने कहा कि वे मेरे लौटने पर मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, वे मुझे मार भी सकते हैं. फिर भी मुझे जाना होगा.
शेख हसीना ने कहा कि वह बांग्लादेश लौटने पर कोर्ट के सामने सरेंडर करने का प्लान बना रही हैं, हालांकि इस संबंध में उनकी ढाका में मौजूदा अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं हुई है. हसीना ने बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई है, साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वो अपने देश में इसके नतीजों का सामना करेंगी.
78 साल की शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद भारत आ गईं थीं, जिसके बाद सेना ने उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया था. मोहम्मद यूनुस को उनकी जगह अंतरिम सरकार का सलाहकार बनाया गया. इसी साल फरवरी में देश में हुए आम चुनाव तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की.

