कड़ाके की ठंड की चपेट में उत्तर भारत, दिल्ली में तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड, श्रीनगर में पारा माइनस 5.6 डिग्री तक पहुंचा - SEVERE COLD GRIPS NORTH INDIA
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Published : January 10, 2026 at 10:53 PM IST
दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. गिरते तापमान और घने कोहरे के बीच लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं. देश की राजधानी दिल्ली शनिवार को घने कोहरे की चादर से लिपटी हुई नजर आई. शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन के औसत न्यूनतम तापमान से 2.7 डिग्री सेल्सियस कम है. इससे पहले साल 2024 में 15 जनवरी को सबसे कम 3.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. शनिवार की सुबह दिल्ली के सफदरजंग में 4.2, पालम में 4.5, लोधी रोड में 4.7, रिज इलाके में 5.3 और आयानगर में 4.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. ऐसे में जिन लोगों से पास अपना घर नहीं है, उन्होंने रैन बसेरे में शरण ले रखी है.
ठंड का कहर जम्मू-कश्मीर में भी देखने को मिल रहा है.. जहां पारा गिरकर माइनसर 5.6 डिग्री तक पहुंच गया है. वहीं, शोपियां जिले में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिसकी वजह से पाइपलाइनें जम गई हैं और लोग परेशान हैं. पाइपलाइन में जमी बर्फ को पिघलाने के लिए लोग उन पर भूसे जला रहे हैं या खौलता हुआ पानी डाल रहे हैं. पानी लाने के लिए कई लोगों को लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.
दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. गिरते तापमान और घने कोहरे के बीच लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं. देश की राजधानी दिल्ली शनिवार को घने कोहरे की चादर से लिपटी हुई नजर आई. शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन के औसत न्यूनतम तापमान से 2.7 डिग्री सेल्सियस कम है. इससे पहले साल 2024 में 15 जनवरी को सबसे कम 3.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. शनिवार की सुबह दिल्ली के सफदरजंग में 4.2, पालम में 4.5, लोधी रोड में 4.7, रिज इलाके में 5.3 और आयानगर में 4.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. ऐसे में जिन लोगों से पास अपना घर नहीं है, उन्होंने रैन बसेरे में शरण ले रखी है.
ठंड का कहर जम्मू-कश्मीर में भी देखने को मिल रहा है.. जहां पारा गिरकर माइनसर 5.6 डिग्री तक पहुंच गया है. वहीं, शोपियां जिले में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिसकी वजह से पाइपलाइनें जम गई हैं और लोग परेशान हैं. पाइपलाइन में जमी बर्फ को पिघलाने के लिए लोग उन पर भूसे जला रहे हैं या खौलता हुआ पानी डाल रहे हैं. पानी लाने के लिए कई लोगों को लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.

