सुनामी की तरह आईं चट्टानें और कीचड़, नेपाल से बचाए गए लोगों ने साझा किया त्रासदी का अनुभव
🎬 Watch Now: Feature Video

Published : August 29, 2026 at 9:00 PM IST
नेपाल में आई बाढ़ में फंसे 21 तमिलों को पहले दिल्ली लाया गया और फिर एक रेस्क्यू फ्लाइट से चेन्नई लाया गया. बचाए गए लोगों ने कहा कि यह एक चमत्कार है कि हम सुनामी की तरह आई चट्टानों और कीचड़ के बीच बच गए. नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर ग्लेशियर पिघलने से आई भारी बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से बुधवार 26 अगस्त को कोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ आ गई. जिसमें सैकड़ों लोग लापता हो गए. अब तक करीब 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 2400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. तमिलनाडु के लोग जो कैलाश मानसरोवर यात्रा समेत अलग-अलग ट्रिप पर नेपाल गए थे, वे भी बाढ़ में फंस गए. तमिलनाडु और केंद्र सरकार की पहल पर उन्हें बचाने के लिए कदम उठाए.
नेपाल में आई बाढ़ में फंसे 21 तमिलों को पहले दिल्ली लाया गया और फिर एक रेस्क्यू फ्लाइट से चेन्नई लाया गया. बचाए गए लोगों ने कहा कि यह एक चमत्कार है कि हम सुनामी की तरह आई चट्टानों और कीचड़ के बीच बच गए. नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर ग्लेशियर पिघलने से आई भारी बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से बुधवार 26 अगस्त को कोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ आ गई. जिसमें सैकड़ों लोग लापता हो गए. अब तक करीब 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 2400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. तमिलनाडु के लोग जो कैलाश मानसरोवर यात्रा समेत अलग-अलग ट्रिप पर नेपाल गए थे, वे भी बाढ़ में फंस गए. तमिलनाडु और केंद्र सरकार की पहल पर उन्हें बचाने के लिए कदम उठाए.

