दिल्ली की झुग्गियों में गर्भवती महिलाओं पर गर्मी की मार, चक्कर और बेचैनी जैसी तकलीफों से जूझ रहीं महिलाएं - PREGNANT WOMEN SUFFERING
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Published : April 20, 2026 at 9:58 PM IST
दिल्ली में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने पर सबसे ज्यादा असर झुग्गी बस्तियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है. इनमें चक्कर आना, बेचैनी, रातभर नींद न आना जैसी तकलीफें आम होती जा रही हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है गर्भवती महिलाओं में चक्कर आना, उल्टी होना और बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने जलवायु बदलाव के कारण तेज गर्मी के असर से बचाव की सलाह दी.
रोकथाम के बारे में बताते हुए, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि समुदायों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, खासकर गर्भवती महिलाओं और विवाह योग्य युवतियों के बीच, ताकि वे समझ सकें कि गर्मी गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करती है। उन्होंने कम लागत वाले उपायों का भी जिक्र किया, जैसे छत पर ठंडक रखना, कार्यस्थलों पर छाया का इंतजाम, जिससे तापमान कम किया जा सके.
पर्यावरणविद् के अनुसार गर्मी का असर महिलाओं पर ज्यादा पड़ता है। आंकड़े बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं में महिलाओं की मौत का खतरा 14 गुना ज्यादा होता है.
दिल्ली में इस साल तापमान और भी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में भीषण गर्मी की वजह से गर्भवती महिलाओं को रोजमर्रा के जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
दिल्ली में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने पर सबसे ज्यादा असर झुग्गी बस्तियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है. इनमें चक्कर आना, बेचैनी, रातभर नींद न आना जैसी तकलीफें आम होती जा रही हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है गर्भवती महिलाओं में चक्कर आना, उल्टी होना और बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने जलवायु बदलाव के कारण तेज गर्मी के असर से बचाव की सलाह दी.
रोकथाम के बारे में बताते हुए, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि समुदायों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, खासकर गर्भवती महिलाओं और विवाह योग्य युवतियों के बीच, ताकि वे समझ सकें कि गर्मी गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करती है। उन्होंने कम लागत वाले उपायों का भी जिक्र किया, जैसे छत पर ठंडक रखना, कार्यस्थलों पर छाया का इंतजाम, जिससे तापमान कम किया जा सके.
पर्यावरणविद् के अनुसार गर्मी का असर महिलाओं पर ज्यादा पड़ता है। आंकड़े बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं में महिलाओं की मौत का खतरा 14 गुना ज्यादा होता है.
दिल्ली में इस साल तापमान और भी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में भीषण गर्मी की वजह से गर्भवती महिलाओं को रोजमर्रा के जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

