दुर्लभ समान का विशाल इंजीनियरिंग म्यूजियम, रिटायर्ड इंजीनियर अक्षय पटनायक का अनोखा जुनून - ODISHA FIRST ENGINEERING MUSEUM

🎬 Watch Now: Feature Video

thumbnail
दुर्लभ समान का विशाल इंजीनियरिंग म्यूजियम (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 14, 2026 at 3:42 PM IST

1 Min Read
Choose ETV Bharat

ओडिशा के खोरदा के 87 साल के रिटायर्ड इंजीनियर अक्षय पटनायक ने करीब करीब विलुप्त हो चुके इन सामान से इंजीनियरिंग म्यूजियम तैयार किया है. उनके म्यूजियम में एक तरफ पुराने रेडियो की कतारें हैं तो दूसरी तरफ बीते जमाने के टेलीफोन. यहां जापान और फ्रांस की बनी हुई हारमोनियम भी है तो किरोसिन तेल से चलने वाली रेफ्रिजरेटर भी. एक जगह 35 कैटेगरी के 30 हजार से भी ज्यादा सामान मिल जाएंगे. 70 के दशक में अक्षय पटनायक तत्कालीन मद्रास म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में काम करते थे. तभी से वो इन दुर्लभ चीजों को इकट्ठा कर उन्हें संरक्षित कर रहे हैं.  

अक्षय पटनायक के इंजीनियरिंग म्यूजियम में कई तरह के घड़े, पोस्टकार्ड, डाक टिकट, विदेशों के पुराने नोट और सिक्के भी मौजूद हैं. इस म्यूजियम पर वो अब तक एक करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुके हैं.. इसके लिए 20 एकड़ पुश्तैनी जमीन बेचनी पड़ी. इस म्यूजियम की देखभाल उन्हें खुद करनी पड़ती है, क्योंकि उन्हें सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिलती है.  

इस इंजीनियरिंग म्यूजियम का नाम घनश्याम पिंडिकी श्रीचंदन कलेक्शन है और बोलगढ़ ब्लॉक के सामने कम्युनिटी सेंटर में इसे चलाया जा रहा है. स्थानीय लोग अक्षय पटनायक के काम की तारीफ कर रहे हैं और सरकारी मदद की जरूरत बता रहे हैं.  

ओडिशा के खोरदा के 87 साल के रिटायर्ड इंजीनियर अक्षय पटनायक ने करीब करीब विलुप्त हो चुके इन सामान से इंजीनियरिंग म्यूजियम तैयार किया है. उनके म्यूजियम में एक तरफ पुराने रेडियो की कतारें हैं तो दूसरी तरफ बीते जमाने के टेलीफोन. यहां जापान और फ्रांस की बनी हुई हारमोनियम भी है तो किरोसिन तेल से चलने वाली रेफ्रिजरेटर भी. एक जगह 35 कैटेगरी के 30 हजार से भी ज्यादा सामान मिल जाएंगे. 70 के दशक में अक्षय पटनायक तत्कालीन मद्रास म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में काम करते थे. तभी से वो इन दुर्लभ चीजों को इकट्ठा कर उन्हें संरक्षित कर रहे हैं.  

अक्षय पटनायक के इंजीनियरिंग म्यूजियम में कई तरह के घड़े, पोस्टकार्ड, डाक टिकट, विदेशों के पुराने नोट और सिक्के भी मौजूद हैं. इस म्यूजियम पर वो अब तक एक करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुके हैं.. इसके लिए 20 एकड़ पुश्तैनी जमीन बेचनी पड़ी. इस म्यूजियम की देखभाल उन्हें खुद करनी पड़ती है, क्योंकि उन्हें सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिलती है.  

इस इंजीनियरिंग म्यूजियम का नाम घनश्याम पिंडिकी श्रीचंदन कलेक्शन है और बोलगढ़ ब्लॉक के सामने कम्युनिटी सेंटर में इसे चलाया जा रहा है. स्थानीय लोग अक्षय पटनायक के काम की तारीफ कर रहे हैं और सरकारी मदद की जरूरत बता रहे हैं.  

ABOUT THE AUTHOR

...view details