तनाव के बाद नई शुरुआत...भारत पहुंचे कनाडा PM मार्क कार्नी - MARK CARNEY ARRIVES IN INDIA
🎬 Watch Now: Feature Video

Published : February 27, 2026 at 8:16 PM IST
भारत और कनाडा के रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चार दिन के अहम दौरे पर मुंबई पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद ये उनका पहला भारत दौरा है. और ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है. जब दोनों देशों के रिश्ते हाल के वर्षों में तनाव से गुजरे हैं. मार्क कार्नी अपने दौरे की शुरुआत मुंबई से कर रहे हैं. जहां वे भारत और कनाडा के बड़े उद्योगपतियों, निवेशकों और कॉरपोरेट लीडर्स से मुलाकात करेंगे. इस दौरान वे भारत-कनाडा सीईओ फोरम को भी संबोधित करेंगे. जिसे आर्थिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री नई दिल्ली पहुंचेंगे. जहां 2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम बैठक होगी. इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, निवेश, व्यापार और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. दरअसल साल 2023 में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के रिश्तों में गंभीर तनाव आ गया था. ऐसे में मार्क कार्नी का ये दौरा दोनों देशों के रिश्तों को पटरी पर लाने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है.
भारत और कनाडा के रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चार दिन के अहम दौरे पर मुंबई पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद ये उनका पहला भारत दौरा है. और ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है. जब दोनों देशों के रिश्ते हाल के वर्षों में तनाव से गुजरे हैं. मार्क कार्नी अपने दौरे की शुरुआत मुंबई से कर रहे हैं. जहां वे भारत और कनाडा के बड़े उद्योगपतियों, निवेशकों और कॉरपोरेट लीडर्स से मुलाकात करेंगे. इस दौरान वे भारत-कनाडा सीईओ फोरम को भी संबोधित करेंगे. जिसे आर्थिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री नई दिल्ली पहुंचेंगे. जहां 2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम बैठक होगी. इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, निवेश, व्यापार और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. दरअसल साल 2023 में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के रिश्तों में गंभीर तनाव आ गया था. ऐसे में मार्क कार्नी का ये दौरा दोनों देशों के रिश्तों को पटरी पर लाने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है.

