स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्थायी समिति ने दिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
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Published : September 1, 2026 at 8:44 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया. बैठक में स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा हुई. स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने और लोगों को बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए. सत्या शर्मा ने दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर अधिकारियों से आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है. निगम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को स्वाइन फ्लू से बचाव, सावधानियों और संक्रमण की स्थिति में आवश्यक कदमों की जानकारी दी जानी चाहिए. स्थायी समिति अध्यक्ष ने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में केवल बीमारी सामने आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय रोकथाम और जागरूकता पर पहले से जोर दिया जाना चाहिए. संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी के साथ नागरिकों को स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए.
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया. बैठक में स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा हुई. स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने और लोगों को बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए. सत्या शर्मा ने दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर अधिकारियों से आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है. निगम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को स्वाइन फ्लू से बचाव, सावधानियों और संक्रमण की स्थिति में आवश्यक कदमों की जानकारी दी जानी चाहिए. स्थायी समिति अध्यक्ष ने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में केवल बीमारी सामने आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय रोकथाम और जागरूकता पर पहले से जोर दिया जाना चाहिए. संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी के साथ नागरिकों को स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए.

