भूजल संकट से निपटने की पहल, झारखंड में सोकपिट निर्माण पर जोर; CM हेमंत सोरेन ने की अपील - GROUNDWATER CONSERVATION
🎬 Watch Now: Feature Video

Published : June 3, 2026 at 8:17 PM IST
भीषण गर्मी के दौरान झारखंड के कई इलाकों में भूजल स्तर तेजी से नीचे चला जाता है, जिससे जल संकट की स्थिति पैदा हो जाती है. इस चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से चापाकलों के पास सोकपिट बनाने की अपील की है. सोकपिट एक सरल और कम लागत वाली संरचना है, जिसमें ईंट, पत्थर और बालू की मदद से पानी को जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है. इससे पानी की बर्बादी रुकती है और भूजल का प्राकृतिक रिचार्ज होता रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि सोकपिट बनने से पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है. विशेषज्ञों के अनुसार यदि गांवों और घरों में बड़े पैमाने पर सोकपिट बनाए जाएं, तो गर्मियों में भी भूजल स्तर को संतुलित रखने और जल संकट को कम करने में मदद मिल सकती है.
भीषण गर्मी के दौरान झारखंड के कई इलाकों में भूजल स्तर तेजी से नीचे चला जाता है, जिससे जल संकट की स्थिति पैदा हो जाती है. इस चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से चापाकलों के पास सोकपिट बनाने की अपील की है. सोकपिट एक सरल और कम लागत वाली संरचना है, जिसमें ईंट, पत्थर और बालू की मदद से पानी को जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है. इससे पानी की बर्बादी रुकती है और भूजल का प्राकृतिक रिचार्ज होता रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि सोकपिट बनने से पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है. विशेषज्ञों के अनुसार यदि गांवों और घरों में बड़े पैमाने पर सोकपिट बनाए जाएं, तो गर्मियों में भी भूजल स्तर को संतुलित रखने और जल संकट को कम करने में मदद मिल सकती है.

