तिरुपति लड्डू विवाद में SIT का सबसे बड़ा खुलासा, 'यह घी नहीं, केमिकल था' - SIT REVELATION IN TIRUPATI LADDU

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लड्डू में घी नहीं, केमिकल था (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 10, 2026 at 10:29 PM IST

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तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को मिलावटी घी सप्लाई करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मामले की जांच कर रही SIT ने खुलासा किया कि घी के नाम पर पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और कई इंडस्ट्रियल केमिकल्स से बने केमिकल मिक्सचर की सप्लाई की गई थी. SIT की रिपोर्ट आने के बाद श्रद्धालुओं में गुस्सा है.  

भोलेबाबा डेयरी और उससे जुड़ी कंपनियों ने मिलावटी घी बनाने के लिए पाम ऑयल और पाम कर्नेल के साथ-साथ जिन केमिकल का इस्तेमाल किया.. उनमें मोनोग्लिसराइड्स, लैक्टिक एसिड, LABSA और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल शामिल हैं. आरोपियों ने इनसे 68.17 लाख किलो घी जैसा रासायनिक मिश्रण तैयार किया. शुद्ध घी के नाम पर भोले बाबा डेयरी, वैष्णवी डेयरी, माल गंगा डेयरी और एआर डेयरी के जरिए इनकी सप्लाई तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को की गई. और इस रासायनिक मिश्रण से श्रीवारी लड्डू प्रसादम तैयार किया गया. पूरे मामले में करीब 234.51 करोड़ का घोटाला हुआ. पूरे मामले में कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.  

SIT ने ये भी खुलासा किया कि खाने के तेल के नाम पर केमिकल खरीदे गए.  इसके लिए नकली इनवॉइस बनाए गए.  भोलेबाबा डेयरी ने सब्सिडियरी कंपनी के जरिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया. SIT के मुताबिक, ये मिलावट एक सोची-समझी साजिश थी.. जिसमें कई लोग शामिल थे. वहीं, इस मामले में इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. ईडी को इस मामले में SIT की FIR, दस्तावेज और चार्जशीट मिलने का इंतजार है. SIT ने टीटीडी के नौ अधिकारियों समेत 36 लोगों को आरोपी बनाया है.

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को मिलावटी घी सप्लाई करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मामले की जांच कर रही SIT ने खुलासा किया कि घी के नाम पर पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और कई इंडस्ट्रियल केमिकल्स से बने केमिकल मिक्सचर की सप्लाई की गई थी. SIT की रिपोर्ट आने के बाद श्रद्धालुओं में गुस्सा है.  

भोलेबाबा डेयरी और उससे जुड़ी कंपनियों ने मिलावटी घी बनाने के लिए पाम ऑयल और पाम कर्नेल के साथ-साथ जिन केमिकल का इस्तेमाल किया.. उनमें मोनोग्लिसराइड्स, लैक्टिक एसिड, LABSA और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल शामिल हैं. आरोपियों ने इनसे 68.17 लाख किलो घी जैसा रासायनिक मिश्रण तैयार किया. शुद्ध घी के नाम पर भोले बाबा डेयरी, वैष्णवी डेयरी, माल गंगा डेयरी और एआर डेयरी के जरिए इनकी सप्लाई तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को की गई. और इस रासायनिक मिश्रण से श्रीवारी लड्डू प्रसादम तैयार किया गया. पूरे मामले में करीब 234.51 करोड़ का घोटाला हुआ. पूरे मामले में कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.  

SIT ने ये भी खुलासा किया कि खाने के तेल के नाम पर केमिकल खरीदे गए.  इसके लिए नकली इनवॉइस बनाए गए.  भोलेबाबा डेयरी ने सब्सिडियरी कंपनी के जरिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया. SIT के मुताबिक, ये मिलावट एक सोची-समझी साजिश थी.. जिसमें कई लोग शामिल थे. वहीं, इस मामले में इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. ईडी को इस मामले में SIT की FIR, दस्तावेज और चार्जशीट मिलने का इंतजार है. SIT ने टीटीडी के नौ अधिकारियों समेत 36 लोगों को आरोपी बनाया है.

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