वैश्विक अस्थिरता में भी तेजी से दौड़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था, 2025-26 में 7.7 प्रतिशत रही विकास दर - GDP GROWTH RATE

🎬 Watch Now: Feature Video

thumbnail
वैश्विक अस्थिरता में भी तेजी से दौड़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : June 5, 2026 at 10:31 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से दौड़ रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही है, जो 2024-25 के आंकड़े 7.1 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. मंत्रालय के मुताबिक, स्थिर कीमतों पर जीडीपी का आकार साल 2025-26 में बढ़कर 323.12 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के पहले संशोधित अनुमान 299.89 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. वहीं, मौजूदा कीमतों पर जीडीपी का आकार 2025-26 में 346.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के 318.07 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 8.9 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. 

भारत की अर्थव्यवस्था ऐसे समय पर तेजी से बढ़ रही है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण अस्थिरता के दौर से गुजर रही है. सरकारी डेटा के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत रहा है. द्वितीयक क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग और तृतीयक क्षेत्र में सर्विसेज सेक्टर को शामिल किया जाता है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड, रिपेयर, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग, स्टोरेज से जुड़े सर्विसेज और फाइनेंशियल, रियल एस्टेट एंव प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर की वृद्धि दर स्थिर और मौजूदा कीमतों में दोहरे अंकों में रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही है. इसमें कृषि और मछली पालन जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से दौड़ रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही है, जो 2024-25 के आंकड़े 7.1 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. मंत्रालय के मुताबिक, स्थिर कीमतों पर जीडीपी का आकार साल 2025-26 में बढ़कर 323.12 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के पहले संशोधित अनुमान 299.89 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. वहीं, मौजूदा कीमतों पर जीडीपी का आकार 2025-26 में 346.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के 318.07 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 8.9 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. 

भारत की अर्थव्यवस्था ऐसे समय पर तेजी से बढ़ रही है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण अस्थिरता के दौर से गुजर रही है. सरकारी डेटा के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत रहा है. द्वितीयक क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग और तृतीयक क्षेत्र में सर्विसेज सेक्टर को शामिल किया जाता है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड, रिपेयर, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग, स्टोरेज से जुड़े सर्विसेज और फाइनेंशियल, रियल एस्टेट एंव प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर की वृद्धि दर स्थिर और मौजूदा कीमतों में दोहरे अंकों में रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही है. इसमें कृषि और मछली पालन जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

ABOUT THE AUTHOR

Mainly responsible for curating national stories, Hindi News Desk is one of the most important desks in ETV Bharat. It is the central desk for ten Hindi states. Hindi Desk chooses, processes, and maps national, international stories that come from multiple sources. It also caters to the Hindi states in areas of entertainment, sports, lifestyle, health, business and technology....view details