चिप निर्माण और डिजाइन में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, 'सेमीकॉन 2.0' से बदलेगी देश की तस्वीर

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चिप निर्माण और डिजाइन में आत्मनिर्भर बनेगा भारत (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : September 1, 2026 at 11:25 AM IST

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दुनिया के चिप वॉर में भारत अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि बड़ा खिलाड़ी बनने की तैयारी में है. मोबाइल से लेकर कार, AI से लेकर मिसाइल और सैटेलाइट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक हर हाईटेक सिस्टम की धड़कन है सेमीकंडक्टर चिप. और अब भारत ने इस चिप इकोसिस्टम को नई रफ्तार देने के लिए Semicon 2.0 लॉन्च कर दिया है. सरकार का लक्ष्य है एक लाख नए सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करना, करीब 100 रणनीतिक चिप्स विकसित करना और देश में चिप की पूरी सप्लाई चेन खड़ी करना. इसके लिए सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा है. Semicon 2.0 सिर्फ सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां लगाने की योजना नहीं है. सरकार का फोकस चिप की पूरी वैल्यू चेन पर है. सरकार ने छह रणनीतिक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है. कंप्यूटर, मेमोरी, RF यानी रेडियो फ्रीक्वेंसी, पावर, नेटवर्किंग और सेंसर. इन सेक्टर में करीब 100 महत्वपूर्ण चिप्स की पहचान की जाएगी.  इसके लिए प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता वाली हाई लेवल कमेटी तय करेगी कि किन चिप्स को सरकारी प्रोत्साहन दिया जाए.

दुनिया के चिप वॉर में भारत अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि बड़ा खिलाड़ी बनने की तैयारी में है. मोबाइल से लेकर कार, AI से लेकर मिसाइल और सैटेलाइट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक हर हाईटेक सिस्टम की धड़कन है सेमीकंडक्टर चिप. और अब भारत ने इस चिप इकोसिस्टम को नई रफ्तार देने के लिए Semicon 2.0 लॉन्च कर दिया है. सरकार का लक्ष्य है एक लाख नए सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करना, करीब 100 रणनीतिक चिप्स विकसित करना और देश में चिप की पूरी सप्लाई चेन खड़ी करना. इसके लिए सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा है. Semicon 2.0 सिर्फ सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां लगाने की योजना नहीं है. सरकार का फोकस चिप की पूरी वैल्यू चेन पर है. सरकार ने छह रणनीतिक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है. कंप्यूटर, मेमोरी, RF यानी रेडियो फ्रीक्वेंसी, पावर, नेटवर्किंग और सेंसर. इन सेक्टर में करीब 100 महत्वपूर्ण चिप्स की पहचान की जाएगी.  इसके लिए प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता वाली हाई लेवल कमेटी तय करेगी कि किन चिप्स को सरकारी प्रोत्साहन दिया जाए.