114 नए राफेल जेट खरीदेगा भारत, रक्षा मंत्रालय ने 3.25 लाख करोड़ के सौदे को दी मंजूरी - INDIA TO BUY 114 NEW RAFALE

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114 नए राफेल जेट खरीदेगा भारत (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 12, 2026 at 10:52 PM IST

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केंद्र सरकार ने फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने की हरी झंडी दे दी है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में इस सौदे को मंजूरी दी गई.  

केंद्र सरकार ने 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने के लिए ‘Acceptance of Necessity’ जारी कर दी है. यह सौदा करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये का होगा. इसके तहत लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये विमानों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष राशि हथियार प्रणालियों, स्पेयर पार्ट्स और लॉजिस्टिक सपोर्ट पर खर्च होगी. माना जा रहा है कि इस डील से वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या बढ़ने के साथ ही भारत की सामरिक बढ़त काफी मजबूत होगी.  

रिपोर्ट के मुताबिक, 114 विमानों में से 18 राफेल लड़ाकू विमान सीधे फ्रांस से पूरी तरह तैयार होकर आएंगे.. जबकि बाकी 96 राफेल विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी. इस सौदे के बाद भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल विमानों की कुल संख्या बढ़कर 176 हो जाएगी. माना जा रहा है कि विमानों की डिलीवरी 2030 तक शुरू हो सकती है.

राफेल की सबसे बड़ी ताकत उसकी अत्याधुनिक हथियार प्रणाली है. पिछले साल मई महीने में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पूरी दुनिया ने राफेल की क्षमता देखी थी, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त बनाई थी.

केंद्र सरकार ने फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने की हरी झंडी दे दी है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में इस सौदे को मंजूरी दी गई.  

केंद्र सरकार ने 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने के लिए ‘Acceptance of Necessity’ जारी कर दी है. यह सौदा करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये का होगा. इसके तहत लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये विमानों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष राशि हथियार प्रणालियों, स्पेयर पार्ट्स और लॉजिस्टिक सपोर्ट पर खर्च होगी. माना जा रहा है कि इस डील से वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या बढ़ने के साथ ही भारत की सामरिक बढ़त काफी मजबूत होगी.  

रिपोर्ट के मुताबिक, 114 विमानों में से 18 राफेल लड़ाकू विमान सीधे फ्रांस से पूरी तरह तैयार होकर आएंगे.. जबकि बाकी 96 राफेल विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी. इस सौदे के बाद भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल विमानों की कुल संख्या बढ़कर 176 हो जाएगी. माना जा रहा है कि विमानों की डिलीवरी 2030 तक शुरू हो सकती है.

राफेल की सबसे बड़ी ताकत उसकी अत्याधुनिक हथियार प्रणाली है. पिछले साल मई महीने में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पूरी दुनिया ने राफेल की क्षमता देखी थी, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त बनाई थी.

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