भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने वाला है: पीएम मोदी - NARI SHAKTI VANDAN SAMMELAN

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नारी शक्ति वंदन सम्मेलन (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : April 13, 2026 at 6:09 PM IST

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया. सम्मेलन में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति सहित अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और सफल महिलाएं शामिल हुईं. 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी हमारे बीच हैं. देश की विकास यात्रा में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने वाला है.' यह फैसला महिला शक्ति को समर्पित है. यह महिला शक्ति के सम्मान के लिए समर्पित है. हमारे देश की संसद एक नया इतिहास बनाने के करीब है. एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की सोच को साकार करेगा. एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारे काम करने के तरीके, हमारे फैसले लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो. दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है, राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक आज 16, 17 और 18 अप्रैल है.'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया. सम्मेलन में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति सहित अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और सफल महिलाएं शामिल हुईं. 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी हमारे बीच हैं. देश की विकास यात्रा में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने वाला है.' यह फैसला महिला शक्ति को समर्पित है. यह महिला शक्ति के सम्मान के लिए समर्पित है. हमारे देश की संसद एक नया इतिहास बनाने के करीब है. एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की सोच को साकार करेगा. एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारे काम करने के तरीके, हमारे फैसले लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो. दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है, राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक आज 16, 17 और 18 अप्रैल है.'

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