हिमाचल में सरकार बनाम अफसरशाही, डिप्टी CM के बाद अब कैबिनेट मंत्रियों के बीच तनातनी! - HIMACHAL OUTSIDER IAS IPS POLITICS

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हिमाचल में अफसरशाही पर तनातनी (ETV Bharat)

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 14, 2026 at 3:38 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से सरकार बनाम अफसरशाही को लेकर सियासत तेज हो गई है. एक महीने पहले यानी 11 दिसंबर 2025 को हिमाचल की सुक्खू सरकार के 3 साल पूरे होने पर मंडी में आयोजित कार्यक्रम में सूबे के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने मंच से अफसरों को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी. मुकेश अग्निहोत्री के दिए बयान पर अभी माहौल शांत भी नहीं हुआ था कि ठीक एक महीने बाद कमोबेश यही सुर कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के भी हैं. विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के अफसरों पर दिए बयान पर सहमति जताई और यूपी-बिहार के अफसरों पर हिमाचल के हितों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया.

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा था, 'मैंने पिछली बार भी कहा था अफसरशाही भी संभल जाएं. मैं फिर कहता हूं कि साजिश रचने वाले अफसर निपटे जाएंगे. रात के अंधेरे में हम इनको निपटा देंगे."

वहीं, मंगलवार 13 जनवरी को हिमाचल के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि, "हम उपमुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के मंडी के अभिभाषण से सहमत हैं. कुछ UP-BIHAR के आला IAS/IPS अधिकारी हिमाचल में हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं, उन्हें हिमाचल से कोई ज्यादा सरोकार नहीं है. समय रहते हुए उनसे निपटने की आवश्यकता है नहीं तो हिमाचल के हित निपट जाएंगे. हिमाचल के हित के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जब कत हिमाचल में हो हिमाचल के लोगों की सेवा करो, शासक बनने की गलती ना करें."

पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बाहरी राज्यों के अफसरों को लेकर दिए गए बयान पर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कैबिनेट मंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, "अधिकारियों से काम करना आना चाहिए. अगर कोई काम कराना नहीं जानता है तो ये उसकी अपनी कमी है. काम कराने का भी एक तरीका और मर्यादा होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. इस तरह से अधिकारियों के खिलाफ बयान देने से अधिकारियों का मनोबल टूटता है और इससे सरकार की भी छवि खराब होती है."

शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से सरकार बनाम अफसरशाही को लेकर सियासत तेज हो गई है. एक महीने पहले यानी 11 दिसंबर 2025 को हिमाचल की सुक्खू सरकार के 3 साल पूरे होने पर मंडी में आयोजित कार्यक्रम में सूबे के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने मंच से अफसरों को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी. मुकेश अग्निहोत्री के दिए बयान पर अभी माहौल शांत भी नहीं हुआ था कि ठीक एक महीने बाद कमोबेश यही सुर कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के भी हैं. विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के अफसरों पर दिए बयान पर सहमति जताई और यूपी-बिहार के अफसरों पर हिमाचल के हितों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया.

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा था, 'मैंने पिछली बार भी कहा था अफसरशाही भी संभल जाएं. मैं फिर कहता हूं कि साजिश रचने वाले अफसर निपटे जाएंगे. रात के अंधेरे में हम इनको निपटा देंगे."

वहीं, मंगलवार 13 जनवरी को हिमाचल के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि, "हम उपमुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के मंडी के अभिभाषण से सहमत हैं. कुछ UP-BIHAR के आला IAS/IPS अधिकारी हिमाचल में हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं, उन्हें हिमाचल से कोई ज्यादा सरोकार नहीं है. समय रहते हुए उनसे निपटने की आवश्यकता है नहीं तो हिमाचल के हित निपट जाएंगे. हिमाचल के हित के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जब कत हिमाचल में हो हिमाचल के लोगों की सेवा करो, शासक बनने की गलती ना करें."

पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बाहरी राज्यों के अफसरों को लेकर दिए गए बयान पर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कैबिनेट मंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, "अधिकारियों से काम करना आना चाहिए. अगर कोई काम कराना नहीं जानता है तो ये उसकी अपनी कमी है. काम कराने का भी एक तरीका और मर्यादा होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. इस तरह से अधिकारियों के खिलाफ बयान देने से अधिकारियों का मनोबल टूटता है और इससे सरकार की भी छवि खराब होती है."

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