सोशल मीडिया पर सरकार की 'क्विक रिस्पांस टीम' की निगरानी, फर्जी खबरों का दो घंटे में होगा पर्दाफाश
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Published : August 16, 2026 at 6:42 PM IST
सोशल मीडिया पर ऑडियंस को गुमराह करने वाली और फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए सरकारी विभागों में'क्विक रिस्पांस टीमें' बनाई जा रही हैं. ये टीमें दो घंटे के भीतर फर्जी खबरों का पर्दाफाश करेगी. बिजली, कृषि और वाणिज्य जैसे विभागों ने पहले ही अपनी 'क्विक रिस्पांस टीमें' बना ली हैं. अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी ऐसी खबर या कंटेंट जो फर्जी, भ्रामक, तथ्यों के लिहाज से गलत, तोड़-मरोड़ कर पेश की गई हो उन्हें 'क्विक रिस्पांस टीमों' के ध्यान में लाया जाएगा. ये टीमें ऐसी जानकारियों की सच्चाई जांचेंगी और सही तथ्य ऑडियंस के सामने रखेंगी. ये टीमें पत्र सूचना कार्यालय यानी PIB की फैक्ट चेक यूनिट के साथ मिलकर भी काम करेंगी. फैक्ट चेकिंग के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की 'न्यू मीडिया विंग' से भी QRT को ज़रूरी इनपुट और मदद मिलेगी. ये सोशल मीडिया टीमें नियमित रूप से अपने मंत्रालय या विभाग से जुड़ी खबरों पर नजर रखेंगी, जिसमें उनकी नीतियां, योजनाएं, कार्यक्रम, फैसले और आधिकारिक घोषणाएं शामिल हैं.
सोशल मीडिया पर ऑडियंस को गुमराह करने वाली और फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए सरकारी विभागों में'क्विक रिस्पांस टीमें' बनाई जा रही हैं. ये टीमें दो घंटे के भीतर फर्जी खबरों का पर्दाफाश करेगी. बिजली, कृषि और वाणिज्य जैसे विभागों ने पहले ही अपनी 'क्विक रिस्पांस टीमें' बना ली हैं. अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी ऐसी खबर या कंटेंट जो फर्जी, भ्रामक, तथ्यों के लिहाज से गलत, तोड़-मरोड़ कर पेश की गई हो उन्हें 'क्विक रिस्पांस टीमों' के ध्यान में लाया जाएगा. ये टीमें ऐसी जानकारियों की सच्चाई जांचेंगी और सही तथ्य ऑडियंस के सामने रखेंगी. ये टीमें पत्र सूचना कार्यालय यानी PIB की फैक्ट चेक यूनिट के साथ मिलकर भी काम करेंगी. फैक्ट चेकिंग के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की 'न्यू मीडिया विंग' से भी QRT को ज़रूरी इनपुट और मदद मिलेगी. ये सोशल मीडिया टीमें नियमित रूप से अपने मंत्रालय या विभाग से जुड़ी खबरों पर नजर रखेंगी, जिसमें उनकी नीतियां, योजनाएं, कार्यक्रम, फैसले और आधिकारिक घोषणाएं शामिल हैं.

