सोडा 'ड्रीम' के लिए छोड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी की नौकरी, लिंगेश्वर राव ने 10 युवाओं को दिया रोजगार - SOFTWARE JOB TO GOLI SODA
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Published : January 9, 2026 at 10:52 PM IST
सपने बड़े हों तो सॉफ्टवेयर कंपनी की मोटी सैलरी वाली नौकरी भी छोटी लगने लगती है. आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा के लिंगेश्वर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उन्होंने नामी सॉफ्टवेयर कंपनी की नौकरी छोड़कर गोली सोडा इंडस्ट्री में कदम रखा. तीन साल के भीतर उनका उत्पाद आज ना सिर्फ आंध्रप्रदेश में लोकप्रिय हो गया है, बल्कि अमेरिका और आस्ट्रेलिया में भी ये एक्सपोर्ट हो रहा है.
BCA की डिग्री लेने के बाद उन्हें इंफोसिस में नौकरी मिली. बेंगलुरू, हैदराबाद और मंगलुरु में उन्होंने पांच सालों तक काम किया, उसी दौरान नए युवाओं के लिए अवसर पैदा करने का ख्याल उन्हें आया. फैक्ट्री लगाने से पहले उन्होंने मार्केट रिसर्च की और फिर विजयवाड़ा ग्रामीण मंडल के जक्कमपुडी में 50 लाख की लागत से लियो इंटरप्राइजेज नाम से फैक्ट्री स्थापित की. देखते ही देखते उनका टर्नओवर एक करोड़ के पार चला गया.
उनके व्यवसाय में परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है. लिंगेश्वर के छोटे भाई गोकुल भी कंपनी के विस्तार में जुटे हुए हैं. क्वालिटी और वेरायटी के चलते देश के बाहर भी उनके प्रोडक्ट की मांग है. उनकी फैक्ट्री में कम से कम 10 युवाओं को काम मिला है, जिससे वो उत्साहित हैं.
सपने बड़े हों तो सॉफ्टवेयर कंपनी की मोटी सैलरी वाली नौकरी भी छोटी लगने लगती है. आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा के लिंगेश्वर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उन्होंने नामी सॉफ्टवेयर कंपनी की नौकरी छोड़कर गोली सोडा इंडस्ट्री में कदम रखा. तीन साल के भीतर उनका उत्पाद आज ना सिर्फ आंध्रप्रदेश में लोकप्रिय हो गया है, बल्कि अमेरिका और आस्ट्रेलिया में भी ये एक्सपोर्ट हो रहा है.
BCA की डिग्री लेने के बाद उन्हें इंफोसिस में नौकरी मिली. बेंगलुरू, हैदराबाद और मंगलुरु में उन्होंने पांच सालों तक काम किया, उसी दौरान नए युवाओं के लिए अवसर पैदा करने का ख्याल उन्हें आया. फैक्ट्री लगाने से पहले उन्होंने मार्केट रिसर्च की और फिर विजयवाड़ा ग्रामीण मंडल के जक्कमपुडी में 50 लाख की लागत से लियो इंटरप्राइजेज नाम से फैक्ट्री स्थापित की. देखते ही देखते उनका टर्नओवर एक करोड़ के पार चला गया.
उनके व्यवसाय में परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है. लिंगेश्वर के छोटे भाई गोकुल भी कंपनी के विस्तार में जुटे हुए हैं. क्वालिटी और वेरायटी के चलते देश के बाहर भी उनके प्रोडक्ट की मांग है. उनकी फैक्ट्री में कम से कम 10 युवाओं को काम मिला है, जिससे वो उत्साहित हैं.

