Video: 25 साल साथ रहने वाले बुजुर्ग दंपती की चार बेटों ने करवाई शादी - माता पिता का विवाह समारोह

🎬 Watch Now: Feature Video

thumbnail
उत्साह के साथ करवाई बुजुर्ग दंपती की शादी (Source- Social Media)

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 12, 2026 at 5:50 PM IST

1 Min Read
Choose ETV Bharat

बांसवाड़ा: जिले के आनंदपुरी थाना क्षेत्र के सालिया गांव में 25 वर्षों से साथ रह रहे (लीव इन रिलेशनशिप) एक बुजुर्ग दंपती का आदिवासी समाज की परंपराओं के अनुसार शादी करवाई. दंपती के चारों बेटों ने मिलकर अपने माता-पिता का विवाह समारोह आयोजित किया. वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि आनंदपुरी थाना क्षेत्र की शेरगढ़ चौकी अंतर्गत सालिया गांव निवासी 60 वर्षीय रतना और 58 वर्षीय कड़वी देवी करीब 25 वर्ष पूर्व नातरा प्रथा के तहत साथ रहने लगे थे. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह समारोह आयोजित नहीं किया जा सका था. समय बीतने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और चारों पुत्र बड़े होकर अपने पैरों पर खड़े हो गए. इसके बाद पुत्रों ने अपने माता-पिता का नोतरा कराने की तैयारी शुरू की. विवाह की तैयारियां उसी उत्साह के साथ की गईं, जैसे किसी युवा जोड़े की शादी हो रही हो. समारोह से पहले हल्दी रस्म सहित सभी पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. रतना दूल्हे और कड़वी देवी दुल्हन के रूप में पारंपरिक वेशभूषा में सजे. ढोल-कुंडी और मंगल गीतों की गूंज के बीच दोनों ने समाज की परंपराओं के अनुसार फेरे लिए.

बांसवाड़ा: जिले के आनंदपुरी थाना क्षेत्र के सालिया गांव में 25 वर्षों से साथ रह रहे (लीव इन रिलेशनशिप) एक बुजुर्ग दंपती का आदिवासी समाज की परंपराओं के अनुसार शादी करवाई. दंपती के चारों बेटों ने मिलकर अपने माता-पिता का विवाह समारोह आयोजित किया. वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि आनंदपुरी थाना क्षेत्र की शेरगढ़ चौकी अंतर्गत सालिया गांव निवासी 60 वर्षीय रतना और 58 वर्षीय कड़वी देवी करीब 25 वर्ष पूर्व नातरा प्रथा के तहत साथ रहने लगे थे. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह समारोह आयोजित नहीं किया जा सका था. समय बीतने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और चारों पुत्र बड़े होकर अपने पैरों पर खड़े हो गए. इसके बाद पुत्रों ने अपने माता-पिता का नोतरा कराने की तैयारी शुरू की. विवाह की तैयारियां उसी उत्साह के साथ की गईं, जैसे किसी युवा जोड़े की शादी हो रही हो. समारोह से पहले हल्दी रस्म सहित सभी पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. रतना दूल्हे और कड़वी देवी दुल्हन के रूप में पारंपरिक वेशभूषा में सजे. ढोल-कुंडी और मंगल गीतों की गूंज के बीच दोनों ने समाज की परंपराओं के अनुसार फेरे लिए.

ABOUT THE AUTHOR

With an ensemble of dedicated journalists, stringers, and contributors spanning the entire state, ETV Bharat Rajasthan offers most extraordinary, unbiased narratives emerging from the region. Its focus transcends the commonplace and predictable storylines, as it actively explores one-of-a-kind, exceptional, and unparalleled tales for its audience....view details