देश में कहीं सूखा तो कहीं सैलाब! WMO ने दी भयानक 'अल-नीनो' की चेतावनी, भारत पर मंडराया बड़ा खतरा
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Published : August 7, 2026 at 7:43 PM IST
|Updated : August 7, 2026 at 7:51 PM IST
भारत में इस साल मौसम के दो बिल्कुल विपरीत रूप देखने को मिले हैं. जून से अगस्त के बीच जहां देश के 319 जिले बारिश की बूंद-बूंद को तरसते रहे, वहीं 111 जिलों में बाढ़ और सैलाब ने भारी तबाही मचाई है. मौसम के इस जानलेवा असंतुलन के पीछे सबसे बड़ी वजह 'अल-नीनो' है.
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगस्त से अक्टूबर के बीच 'Strong El Niño' और ज्यादा ताकतवर हो सकता है, जिससे दुनिया भर में रिकॉर्ड गर्मी, सूखा और बाढ़ का खतरा बढ़ेगा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे भविष्य का नहीं बल्कि वर्तमान का संकट बताया है. इसका सीधा असर भारत के मानसून और खेती पर पड़ रहा है; खरीफ की बुवाई में 26.5 लाख हेक्टेयर की कमी आई है.
भारत में इस साल मौसम के दो बिल्कुल विपरीत रूप देखने को मिले हैं. जून से अगस्त के बीच जहां देश के 319 जिले बारिश की बूंद-बूंद को तरसते रहे, वहीं 111 जिलों में बाढ़ और सैलाब ने भारी तबाही मचाई है. मौसम के इस जानलेवा असंतुलन के पीछे सबसे बड़ी वजह 'अल-नीनो' है.
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगस्त से अक्टूबर के बीच 'Strong El Niño' और ज्यादा ताकतवर हो सकता है, जिससे दुनिया भर में रिकॉर्ड गर्मी, सूखा और बाढ़ का खतरा बढ़ेगा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे भविष्य का नहीं बल्कि वर्तमान का संकट बताया है. इसका सीधा असर भारत के मानसून और खेती पर पड़ रहा है; खरीफ की बुवाई में 26.5 लाख हेक्टेयर की कमी आई है.

