E20 से 5% तक कम हो सकता है माइलेज, केंद्र ने E20 को बताया पेट्रोल से बेहतर - CONTROVERSY ON ETHANOL

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केंद्र ने E20 को बताया पेट्रोल से बेहतर (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : July 10, 2026 at 11:04 PM IST

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इथेनॉल ईंधन पर देशभर में जारी बहस के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बार फिर E20 को पेट्रोल से बेहतर ईंधन बताया है. मंत्रालय ने कहा कि इससे गाड़ियों का माइलेज 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है, लेकिन इसके जो फायदे हैं वो माइलेज में कमी की भरपाई कर सकते हैं. सरकार के मुताबिक, E20 की ऑक्टेन रेटिंग ज्यादा है, इसमें एंटी-नॉकिंग प्रॉपर्टी है, यह तेजी से जलता है, पिक-अप के लिहाज से तेज है. ईंजन ऑपरेशन के लिहाज से साफ-सुथरा है  और कम कार्बन छोड़ता है.  

मंत्रालय ने E20 का विरोध करने वालों के इस आरोप को खारिज कर दिया कि आनन-फानन में इस प्रोग्राम को लॉन्च किया गया. मंत्रालय ने कहा कि सालों की वैज्ञानिक टेस्टिंग और वाहन निर्माता कंपनियों की कंसल्टेशन के बाद ही इसे लॉन्च किया गया. मंत्रालय के मुताबिक, भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग की शुरुआत 2001 में हुई थी, फिर 2006 में 5 प्रतिशत इथेनॉल के साथ पेट्रोल देश के कई भागों में लॉन्च किया गया. 2018 में बॉयोफ्यूल पर नेशनल पॉलिसी आने के बाद सरकार ने इथेनॉल का उत्पादन शुरू किया. 2022 में E10 के लक्ष्य को हासिल किया गया. और इस साल अप्रैल में E20 की शुरुआत हुई. इसके लिए सरकार ने इथेनॉल प्लांट, स्टोरेज और लॉजिस्टिक पर भारी भरकम खर्च किए. 

इथेनॉल ईंधन पर देशभर में जारी बहस के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बार फिर E20 को पेट्रोल से बेहतर ईंधन बताया है. मंत्रालय ने कहा कि इससे गाड़ियों का माइलेज 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है, लेकिन इसके जो फायदे हैं वो माइलेज में कमी की भरपाई कर सकते हैं. सरकार के मुताबिक, E20 की ऑक्टेन रेटिंग ज्यादा है, इसमें एंटी-नॉकिंग प्रॉपर्टी है, यह तेजी से जलता है, पिक-अप के लिहाज से तेज है. ईंजन ऑपरेशन के लिहाज से साफ-सुथरा है  और कम कार्बन छोड़ता है.  

मंत्रालय ने E20 का विरोध करने वालों के इस आरोप को खारिज कर दिया कि आनन-फानन में इस प्रोग्राम को लॉन्च किया गया. मंत्रालय ने कहा कि सालों की वैज्ञानिक टेस्टिंग और वाहन निर्माता कंपनियों की कंसल्टेशन के बाद ही इसे लॉन्च किया गया. मंत्रालय के मुताबिक, भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग की शुरुआत 2001 में हुई थी, फिर 2006 में 5 प्रतिशत इथेनॉल के साथ पेट्रोल देश के कई भागों में लॉन्च किया गया. 2018 में बॉयोफ्यूल पर नेशनल पॉलिसी आने के बाद सरकार ने इथेनॉल का उत्पादन शुरू किया. 2022 में E10 के लक्ष्य को हासिल किया गया. और इस साल अप्रैल में E20 की शुरुआत हुई. इसके लिए सरकार ने इथेनॉल प्लांट, स्टोरेज और लॉजिस्टिक पर भारी भरकम खर्च किए.