क्या तिब्बत में तबाही की सच्चाई बाहर नहीं आने देना चाहता चीन ?, निर्वासित तिब्बती और उनके संगठनों ने लगाए गंभीर आरोप

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क्या तिब्बत में तबाई की सच्चाई बाहर नहीं आने देना चाहता चीन ? (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : September 1, 2026 at 11:13 PM IST

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बाढ़ में तिब्बत में मरने वालों की संख्या कम करके चीन बता रहा है. ये दावा निर्वासित तिब्बतियों और इनकी वकालत करने वाले कुछ समूहों ने किया है. लेकिन बिजिंग ने इन दावों को खारिज किया है. बीजिंग के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट ने  तिब्बत में 16 लोगों की मौत और 546 लोग लापता होने का दावा किया .न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि आपातकालीन कर्मी जीवित बचे लोगों को खोजने और एक मुख्य राजमार्ग को फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं.उसने  CCTV दिखाया जिसमें खुदाई करने वाली मशीनें उफनती, मटमैली नदी के किनारे से मलबा हटा रही हैं. निर्वासित तिब्बती चीन के इस दावे से सहमत नहीं हैं. भारत से चलने वाले 'तिब्बत रेडियो' ने कहा कि उसे तिब्बत के अंदर लगभग 25 तिब्बतियों की मौत की खबरें मिली हैं. उनका कहना है कि बुरी तरह प्रभआवित ग्यिरोंग इलाके में अपने परिवारों के संपर्क में रहने वाले लोगों से पांच गांव के प्रभावित होने की जानकारी मिली है साथ ही कहा किल्हासा और शिगात्से के बड़ी संख्या में एक पुल के निर्माण में लगे मजदूर लापता हैं.इधर तिब्तियों की वकालत करने वाले ग्रुप 'इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत' ने दावा किया कि कम से कम चार गाँव सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.जिनमें 300 से ज़्यादा घर तबाह हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं इस ग्रुप ने दावा किया कि मरने वाली सख्या काफी ज्यादा हो सकती है.

बाढ़ में तिब्बत में मरने वालों की संख्या कम करके चीन बता रहा है. ये दावा निर्वासित तिब्बतियों और इनकी वकालत करने वाले कुछ समूहों ने किया है. लेकिन बिजिंग ने इन दावों को खारिज किया है. बीजिंग के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट ने  तिब्बत में 16 लोगों की मौत और 546 लोग लापता होने का दावा किया .न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि आपातकालीन कर्मी जीवित बचे लोगों को खोजने और एक मुख्य राजमार्ग को फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं.उसने  CCTV दिखाया जिसमें खुदाई करने वाली मशीनें उफनती, मटमैली नदी के किनारे से मलबा हटा रही हैं. निर्वासित तिब्बती चीन के इस दावे से सहमत नहीं हैं. भारत से चलने वाले 'तिब्बत रेडियो' ने कहा कि उसे तिब्बत के अंदर लगभग 25 तिब्बतियों की मौत की खबरें मिली हैं. उनका कहना है कि बुरी तरह प्रभआवित ग्यिरोंग इलाके में अपने परिवारों के संपर्क में रहने वाले लोगों से पांच गांव के प्रभावित होने की जानकारी मिली है साथ ही कहा किल्हासा और शिगात्से के बड़ी संख्या में एक पुल के निर्माण में लगे मजदूर लापता हैं.इधर तिब्तियों की वकालत करने वाले ग्रुप 'इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत' ने दावा किया कि कम से कम चार गाँव सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.जिनमें 300 से ज़्यादा घर तबाह हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं इस ग्रुप ने दावा किया कि मरने वाली सख्या काफी ज्यादा हो सकती है.