भारत में घट रहा भू जल: सवाल सिर्फ एक 'पानी को कैसे बचाएं', रिसोर्स के सस्टेनेबल इस्तेमाल पर जोर
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Published : August 7, 2026 at 10:19 PM IST
भारत के लिए 2026 में पानी की चुनौती अब सिर्फ पानी खोजने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हर बूंद का महत्व समझने की भी है. जैसे-जैसे शहरों, खेती और इंडस्ट्री में पानी की मांग बढ़ रही है, ध्यान पानी बचाने, ट्रीटमेंट, दोबारा इस्तेमाल करने और बेहतर मैनेजमेंट पर जा रहा है. पानी का यह बदलता माहौल 6 अगस्त को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुए ईएडब्ल्यू (EAW) ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 में दिखा, जहाँ पॉलिसी बनाने वाले इंडस्ट्री के बड़े नाम, टेक्नोलॉजी देने वाले और स्टार्टअप भारत की बढ़ती पानी की जरूरतों के समाधान पर चर्चा करने के लिए इकट्ठा हुए. भारत में भूजल स्रोत पर दबाव बना हुआ है. सरकारी असेसमेंट से पता चलता है कि देश के कई हिस्सों में ग्राउंडवाटर निकालना एक बड़ी चिंता बनी हुई है, खासकर जहां खेती, इंडस्ट्रियल और शहरी इलाकों में पानी की मांग ज़्यादा है. साथ ही ग्राउंडवाटर को रिचार्ज करने और लोकल पानी के सोर्स को बचाने की कोशिशें भी तेजी से जरूरी होती जा रही है. भारत के लिए चुनौती बढ़ती मांग और अपने मौजूदा रिसोर्स के सस्टेनेबल इस्तेमाल के बीच बैलेंस बनाना है.
भारत के लिए 2026 में पानी की चुनौती अब सिर्फ पानी खोजने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हर बूंद का महत्व समझने की भी है. जैसे-जैसे शहरों, खेती और इंडस्ट्री में पानी की मांग बढ़ रही है, ध्यान पानी बचाने, ट्रीटमेंट, दोबारा इस्तेमाल करने और बेहतर मैनेजमेंट पर जा रहा है. पानी का यह बदलता माहौल 6 अगस्त को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुए ईएडब्ल्यू (EAW) ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 में दिखा, जहाँ पॉलिसी बनाने वाले इंडस्ट्री के बड़े नाम, टेक्नोलॉजी देने वाले और स्टार्टअप भारत की बढ़ती पानी की जरूरतों के समाधान पर चर्चा करने के लिए इकट्ठा हुए. भारत में भूजल स्रोत पर दबाव बना हुआ है. सरकारी असेसमेंट से पता चलता है कि देश के कई हिस्सों में ग्राउंडवाटर निकालना एक बड़ी चिंता बनी हुई है, खासकर जहां खेती, इंडस्ट्रियल और शहरी इलाकों में पानी की मांग ज़्यादा है. साथ ही ग्राउंडवाटर को रिचार्ज करने और लोकल पानी के सोर्स को बचाने की कोशिशें भी तेजी से जरूरी होती जा रही है. भारत के लिए चुनौती बढ़ती मांग और अपने मौजूदा रिसोर्स के सस्टेनेबल इस्तेमाल के बीच बैलेंस बनाना है.

