वायनाड भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई छह, दो लापता लोगों की तलाश जारी - वायनाड लैंडस्लाइड
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Published : July 9, 2026 at 6:17 PM IST
केरल के वायनाड भूस्खलन हादसे के शिकार तीन और लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं और इसके साथ ही, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है, जबकि दो और लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिन लोगों के शव बरामद किए गए हैं उनमें उत्तर प्रदेश के अजहरुद्दीन अंसारी, हिमाचल प्रदेश के राहुल शर्मा और बिहार के मोहम्मद इमरान शामिल हैं. अजहरुद्दीन अंसारी सर्वेयर थे, जबकि राहुल शर्मा इंजीनियर और मोहम्मद इमरान एक्सकेवेटर ऑपरेटर थे और टनल परियोजना में काम कर रहे थे. हादसे में जान गंवाने वालों में झारखंड के प्रवासी मजदूर 25 वर्षीय अनमोल डोडराय भी शामिल थे. उनके घर में मातम पसरा हुआ है. अनमोल चार भाई-बहनों में सबसे बड़े थे और अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे.
वायनाड में भूस्खलन के बाद घटनास्थल पर लापता पांच लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है. कई एजेंसियों की बचाव टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं. चश्मदीद भूस्खलन की तुलना 2024 में मुंडक्कई-चूरलमाला में आए लैंडस्लाइड से कर रहे हैं. वो बताते हैं कि मौजूद हालात दो साल पहले आए भूस्खलन जैसे हैं.
भूस्खलन वाले इलाके के पास रहने वाले 42 परिवारों के 142 लोगों को मेप्पाडी पॉलिटेक्निक के राहत कैंप में शिफ्ट किया गया है. जबकि अधिकारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं.
केरल के वायनाड भूस्खलन हादसे के शिकार तीन और लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं और इसके साथ ही, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है, जबकि दो और लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिन लोगों के शव बरामद किए गए हैं उनमें उत्तर प्रदेश के अजहरुद्दीन अंसारी, हिमाचल प्रदेश के राहुल शर्मा और बिहार के मोहम्मद इमरान शामिल हैं. अजहरुद्दीन अंसारी सर्वेयर थे, जबकि राहुल शर्मा इंजीनियर और मोहम्मद इमरान एक्सकेवेटर ऑपरेटर थे और टनल परियोजना में काम कर रहे थे. हादसे में जान गंवाने वालों में झारखंड के प्रवासी मजदूर 25 वर्षीय अनमोल डोडराय भी शामिल थे. उनके घर में मातम पसरा हुआ है. अनमोल चार भाई-बहनों में सबसे बड़े थे और अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे.
वायनाड में भूस्खलन के बाद घटनास्थल पर लापता पांच लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है. कई एजेंसियों की बचाव टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं. चश्मदीद भूस्खलन की तुलना 2024 में मुंडक्कई-चूरलमाला में आए लैंडस्लाइड से कर रहे हैं. वो बताते हैं कि मौजूद हालात दो साल पहले आए भूस्खलन जैसे हैं.
भूस्खलन वाले इलाके के पास रहने वाले 42 परिवारों के 142 लोगों को मेप्पाडी पॉलिटेक्निक के राहत कैंप में शिफ्ट किया गया है. जबकि अधिकारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं.

