TMC में घमासान तेज: दो विधायक पार्टी से निष्कासित, क्या टूट जाएगी पार्टी? - FEAR OF SPLIT IN TMC
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Published : June 2, 2026 at 8:14 PM IST
|Updated : June 2, 2026 at 9:57 PM IST
पश्चिम बंगाल की सत्ता हाथ से निकलते ही ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की अंदरुनी कलह खुलकर सामने आ गई है. तृणमूल के कई विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत का रास्ता अख्तियार कर लिया है, जिससे पार्टी में टूट की अटकलें तेज हो गई हैं. इन सब के बीच तृणमूल कांग्रेस ने अपने दो विधायकों ऋतब्रता बंदोपाध्याय और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाकर पार्टी से निकाल दिया है. दरअसल, इन दोनों विधायकों पर आरोप है कि इन्होंने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर दावा किया कि उनके हस्ताक्षर वाला जो पत्र स्पीकर को लिखा गया है, उनमें उनके हस्ताक्षर जाली हैं. पार्टी ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना और उन पर कार्रवाई की.इन विधायकों पर पार्टी की बैठकों से अनुपस्थित रहने का भी आरोप लगा है. इस पर इंडी गठबंधन के नेता ही अब सवाल उठाने लगे हैं.
पश्चिम बंगाल की सत्ता हाथ से निकलते ही ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की अंदरुनी कलह खुलकर सामने आ गई है. तृणमूल के कई विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत का रास्ता अख्तियार कर लिया है, जिससे पार्टी में टूट की अटकलें तेज हो गई हैं. इन सब के बीच तृणमूल कांग्रेस ने अपने दो विधायकों ऋतब्रता बंदोपाध्याय और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाकर पार्टी से निकाल दिया है. दरअसल, इन दोनों विधायकों पर आरोप है कि इन्होंने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर दावा किया कि उनके हस्ताक्षर वाला जो पत्र स्पीकर को लिखा गया है, उनमें उनके हस्ताक्षर जाली हैं. पार्टी ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना और उन पर कार्रवाई की.इन विधायकों पर पार्टी की बैठकों से अनुपस्थित रहने का भी आरोप लगा है. इस पर इंडी गठबंधन के नेता ही अब सवाल उठाने लगे हैं.

