BSF ने पेश की मानवता की मिसाल, बॉर्डर पार बांग्लादेश में रह रही बेटी को कराया पिता के अंतिम दर्शन - BSF SETS AN EXAMPLE OF HUMANITY

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BSF ने पेश की मानवता की मिसाल (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 6, 2026 at 8:30 PM IST

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पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सीमा पर रह रही एक बेटी को बीएसएफ ने पिता के अंतिम दर्शन कराए...और मानवता की मिसाल पेश की. इसराफिल हालसोना छपरा  के हाटखोला गांव के रहने वाले थे. 101 साल की उम्र में इनका निधन हो गया. पिता के मौत की खबर सीमा पार बांग्लादेश के चुआडांगा जिले के कुतुबपुर गांव में बेटी उम्मेहरा बीबी तक पहुंची. उसने पिता के अंतिम दर्शन की इच्छा जताई. और मायके फोन किया. परिवारवालों ने स्थानीय प्रशासन की मदद से बीएसफ से BSF से संपर्क किया. फिर BSF और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने एक फ्लैग मीटिंग की.और महिला को अपने पिता से मिलने का मौक दिया गया. इसराफिल हलसोना का शव हाटखोला बॉर्डर के जीरो प्वाइंट पर लाया गया. जहां बेटी ने अपने पिता को आखिरी बार देखा और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुई.

पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सीमा पर रह रही एक बेटी को बीएसएफ ने पिता के अंतिम दर्शन कराए...और मानवता की मिसाल पेश की. इसराफिल हालसोना छपरा  के हाटखोला गांव के रहने वाले थे. 101 साल की उम्र में इनका निधन हो गया. पिता के मौत की खबर सीमा पार बांग्लादेश के चुआडांगा जिले के कुतुबपुर गांव में बेटी उम्मेहरा बीबी तक पहुंची. उसने पिता के अंतिम दर्शन की इच्छा जताई. और मायके फोन किया. परिवारवालों ने स्थानीय प्रशासन की मदद से बीएसफ से BSF से संपर्क किया. फिर BSF और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने एक फ्लैग मीटिंग की.और महिला को अपने पिता से मिलने का मौक दिया गया. इसराफिल हलसोना का शव हाटखोला बॉर्डर के जीरो प्वाइंट पर लाया गया. जहां बेटी ने अपने पिता को आखिरी बार देखा और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुई.

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