तपोवन विवाद में बीजेपी का डैमेज कंट्रोल, शहर में शुरू किया पौधारोपण अभियान, 15 हजार पौधे लगाने का संकल्प - PLANTATION CAMPAIGN IN NASHIK
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Published : December 15, 2025 at 9:35 PM IST
महाराष्ट्र के नासिक में संतों और महंतों की मौजूदगी में बीजेपी ने पौधारोपण अभियान शुरू किया है. जिसके तहत शहर में 15 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए जाने हैं. इस अभियान के जरिए बीजेपी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है. दरअसल, 2027 के सिंहस्थ कुंभ के लिए नासिक के तपोवन में करीब 1800 पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है. इस जगह पर कुंभ में आए साधुओं के लिए साधुग्राम बनना है, लेकिन उससे पहले ही पर्यावरण से जुड़े लोोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. स्थानीय लोग भी उनके साथ आ गए, जिसके बाद जबर्दस्त विवाद शुरू हो गया. उस विवाद के बाद बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल के लिए पौधारोपण अभियान शुरू किया. इस अभियान की अगुवाई वही साधु संत और महंत कर रहे हैं.. जिनके लिए तपोवन में पेड़ों को काटने की तैयारी है.
पौधारोपण कार्यक्रम शहर के अलग-अलग स्थानों में चलाया जा रहा है. पहले चरण में आज 1000 पौधे लगाए गए.. त्र्यंबकेश्वर के 10 अखाड़े और नासिक के 3 अखाड़े के प्रमुखों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया. संतों ने कुंभ जैसे विशाल आयोजनों के लिए पेड़ों की कटाई को उचित बताया.
दावा किया जा रहा है कि 12 से 15 फीट लंबे पौधों को करीब 1300 किलोमीटर की दूरी से लाया गया और उन्हें किसी भी हालत में मरने नहीं दिया जाएगा. पौधारोपण अभियान के तहत शहर में बरगड़, नीम और अर्जुन जैसे उपयोगी पेड़ लगाए जा रहे हैं. यहां आए लोगों ने ये भी दावा किया कि तपोवन में काटे गए कुछ पेड़ों को दूसरी जगहों पर फिर से लगाया जाएगा. आपको बता दें कि सियाजी शिंदे जैसे कलाकारों के अलावा शहर के सैकड़ों ने तपोवन में पेड़ों की कटाई का विरोध किया.. ये वही तपोवन है जहां भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास के ज्यादातर समय काटे थे. इसीलिए ये जगह लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है.. और लोग हर हाल में इन पेड़ों को बचाना चाहते हैं.
महाराष्ट्र के नासिक में संतों और महंतों की मौजूदगी में बीजेपी ने पौधारोपण अभियान शुरू किया है. जिसके तहत शहर में 15 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए जाने हैं. इस अभियान के जरिए बीजेपी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है. दरअसल, 2027 के सिंहस्थ कुंभ के लिए नासिक के तपोवन में करीब 1800 पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है. इस जगह पर कुंभ में आए साधुओं के लिए साधुग्राम बनना है, लेकिन उससे पहले ही पर्यावरण से जुड़े लोोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. स्थानीय लोग भी उनके साथ आ गए, जिसके बाद जबर्दस्त विवाद शुरू हो गया. उस विवाद के बाद बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल के लिए पौधारोपण अभियान शुरू किया. इस अभियान की अगुवाई वही साधु संत और महंत कर रहे हैं.. जिनके लिए तपोवन में पेड़ों को काटने की तैयारी है.
पौधारोपण कार्यक्रम शहर के अलग-अलग स्थानों में चलाया जा रहा है. पहले चरण में आज 1000 पौधे लगाए गए.. त्र्यंबकेश्वर के 10 अखाड़े और नासिक के 3 अखाड़े के प्रमुखों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया. संतों ने कुंभ जैसे विशाल आयोजनों के लिए पेड़ों की कटाई को उचित बताया.
दावा किया जा रहा है कि 12 से 15 फीट लंबे पौधों को करीब 1300 किलोमीटर की दूरी से लाया गया और उन्हें किसी भी हालत में मरने नहीं दिया जाएगा. पौधारोपण अभियान के तहत शहर में बरगड़, नीम और अर्जुन जैसे उपयोगी पेड़ लगाए जा रहे हैं. यहां आए लोगों ने ये भी दावा किया कि तपोवन में काटे गए कुछ पेड़ों को दूसरी जगहों पर फिर से लगाया जाएगा. आपको बता दें कि सियाजी शिंदे जैसे कलाकारों के अलावा शहर के सैकड़ों ने तपोवन में पेड़ों की कटाई का विरोध किया.. ये वही तपोवन है जहां भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास के ज्यादातर समय काटे थे. इसीलिए ये जगह लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है.. और लोग हर हाल में इन पेड़ों को बचाना चाहते हैं.

