बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार का शोर थमा, 11 नवंबर को होगी वोटिंग, दांव पर दिग्गजों की किस्मत - ASSEMBLY POLLS CAMPAIGN ENDS
🎬 Watch Now: Feature Video

Published : November 9, 2025 at 10:40 PM IST
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार का शोर खत्म हो चुका है. यहां 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों के लिए मतदान होगा. दूसरे चरण में 3 करोड़ 70 लाख से ज्यादा मतदाता 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इस चरण में 1 करोड़ 95 लाख से ज्यादा पुरुष मतदाता और 1 करोड़ 74 लाख से ज्यादा महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. जिन 122 सीटों पर वोटिंग होगी, उनमें 101 सामान्य सीटें हैं, जबकि 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. सबसे अधिक प्रत्याशी तीन विधानसभा क्षेत्रों में हैं. कैमूर के चैनपुर, रोहतास के सासाराम और गया के गया शहर में 22-22 उम्मीदवार हैं. वहीं सबसे कम उम्मीदवार 6 विधानसभा क्षेत्र में हैं. इसमें पश्चिम चंपारण का लोरिया, चनपटिया, पूर्वी चंपारण का रक्सौल और सुगौली, सुपौल का त्रिवेणीगंज और पूर्णिया का बनमनखी विधानसभा क्षेत्र शामिल है. यहां 5-5 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण में कई दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला मतदाता करेंगे. इसमें नीतीश कुमार के सबसे वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव जो सुपौल से दम दिखा रहे हैं. वहीं मंत्री लेसी सिंह धमदाहा से, पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी बेतिया, मंत्री शीला मंडल फुलपरास से चुनाव लड़ रहीं हैं. इसके अलावा नीतीश सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री जमा खान चैनपुर से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में पीएम मोदी सहित गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ सहित एनडीए के सभी बड़े नेताओं ने ताकत लगाई, तो दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं ने दम दिखाया. तो जन सुराज पार्टी के लिए प्रशांत किशोर ने वोट मांगा.
दूसरे चरण में सीमांचल, चंपारण, मिथिलांचल और मगध के इलाकों में वोटिंग होनी है. यहां एनडीए और महागठबंधन के मुख्य मुकाबला माना जा रहा है. लेकिन जन सुराज और एआईएमआईएम कई सीटों पर इनका गणित बिगाड़ सकती हैं. 6 नवंबर को पहले चरण में 121 सीटों पर रिकॉर्ड 65% से अधिक वोटिंग हुई थी. ऐसे में अब दूसरे चरण पर सबकी नजर है.
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार का शोर खत्म हो चुका है. यहां 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों के लिए मतदान होगा. दूसरे चरण में 3 करोड़ 70 लाख से ज्यादा मतदाता 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इस चरण में 1 करोड़ 95 लाख से ज्यादा पुरुष मतदाता और 1 करोड़ 74 लाख से ज्यादा महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. जिन 122 सीटों पर वोटिंग होगी, उनमें 101 सामान्य सीटें हैं, जबकि 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. सबसे अधिक प्रत्याशी तीन विधानसभा क्षेत्रों में हैं. कैमूर के चैनपुर, रोहतास के सासाराम और गया के गया शहर में 22-22 उम्मीदवार हैं. वहीं सबसे कम उम्मीदवार 6 विधानसभा क्षेत्र में हैं. इसमें पश्चिम चंपारण का लोरिया, चनपटिया, पूर्वी चंपारण का रक्सौल और सुगौली, सुपौल का त्रिवेणीगंज और पूर्णिया का बनमनखी विधानसभा क्षेत्र शामिल है. यहां 5-5 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.
विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण में कई दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला मतदाता करेंगे. इसमें नीतीश कुमार के सबसे वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव जो सुपौल से दम दिखा रहे हैं. वहीं मंत्री लेसी सिंह धमदाहा से, पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी बेतिया, मंत्री शीला मंडल फुलपरास से चुनाव लड़ रहीं हैं. इसके अलावा नीतीश सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री जमा खान चैनपुर से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में पीएम मोदी सहित गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ सहित एनडीए के सभी बड़े नेताओं ने ताकत लगाई, तो दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं ने दम दिखाया. तो जन सुराज पार्टी के लिए प्रशांत किशोर ने वोट मांगा.
दूसरे चरण में सीमांचल, चंपारण, मिथिलांचल और मगध के इलाकों में वोटिंग होनी है. यहां एनडीए और महागठबंधन के मुख्य मुकाबला माना जा रहा है. लेकिन जन सुराज और एआईएमआईएम कई सीटों पर इनका गणित बिगाड़ सकती हैं. 6 नवंबर को पहले चरण में 121 सीटों पर रिकॉर्ड 65% से अधिक वोटिंग हुई थी. ऐसे में अब दूसरे चरण पर सबकी नजर है.

