ईरान में बमबारी के बीच 1200 भारतीय छात्र फंसे, सुरक्षित जगह भेजने की मांग - MIDDLE EAST CRISIS
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Published : March 4, 2026 at 5:47 PM IST
ईरान में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी JKSA ने बताया कि उर्मिया में ताजा एयरस्ट्राइक के बाद वहां रह रहे भारतीय छात्रों में घबराहट है. JKSA के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी के मुताबिक, जिस छात्रावास में भारतीय छात्र रह रहे हैं, उससे करीब 300 मीटर दूर जोरदार धमाका हुआ..धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पूरी इमारत हिल गई और छात्रों में डर का माहौल बन गया. छात्रों का कहना है कि लगभग हर घंटे फाइटर जेट की आवाज सुनाई देती है, जिससे वहां लगातार डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. ईरान में फिलहाल करीब 1200 भारतीय छात्र, जिनमें ज्यादातर MBBS के छात्र हैं, फंसे हुए बताए जा रहे हैं. इससे पहले तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी थी...लेकिन कई छात्र परीक्षा और प्री-इंटर्नशिप एग्जाम की वजह से वहां फंस गए हैं. JKSA ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की है कि जब तक निकासी अभियान शुरू नहीं होता, तब तक छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेजने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं.
ईरान में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी JKSA ने बताया कि उर्मिया में ताजा एयरस्ट्राइक के बाद वहां रह रहे भारतीय छात्रों में घबराहट है. JKSA के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी के मुताबिक, जिस छात्रावास में भारतीय छात्र रह रहे हैं, उससे करीब 300 मीटर दूर जोरदार धमाका हुआ..धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पूरी इमारत हिल गई और छात्रों में डर का माहौल बन गया. छात्रों का कहना है कि लगभग हर घंटे फाइटर जेट की आवाज सुनाई देती है, जिससे वहां लगातार डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. ईरान में फिलहाल करीब 1200 भारतीय छात्र, जिनमें ज्यादातर MBBS के छात्र हैं, फंसे हुए बताए जा रहे हैं. इससे पहले तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी थी...लेकिन कई छात्र परीक्षा और प्री-इंटर्नशिप एग्जाम की वजह से वहां फंस गए हैं. JKSA ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की है कि जब तक निकासी अभियान शुरू नहीं होता, तब तक छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेजने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं.

