Yearender 2025: ChatGPT से लेकर BharatGen तक, इस साल भारत ने AI सेक्टर में लगाई लंबी छलांग
AI अब भारत में सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि नौकरी, शिक्षा, हेल्थ और गवर्नेंस को बदलने वाली असली ताकत बन चुका है.

Published : December 27, 2025 at 8:15 PM IST
हैदराबाद: 2025 आते-आते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टेक्नोलॉजी भारत में सिर्फ एक टेक्नोलॉजी का शब्द ही नहीं रह गया है, बल्कि ये हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. पहले एआई को सिर्फ बड़ी कंपनियों या रिसर्च लैब्स तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. आज एआई किसानों की फसल तय करने में मदद कर रहा है, दूर-दराज इलाकों में इलाज आसान बना रहा है और बच्चों की पढ़ाई को पर्सनल बना रहा है.
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ग्लोबल AI रिपोर्ट के मुताबिक, भारत आज एआई रिसर्च के मामले में दुनिया के टॉप देशों में शामिल है. AI कॉन्फ्रेंस सिटेशन में भारत नंबर-1 और एआई जर्नल पब्लिकेशन में तीसरे नंबर पर है. यही नहीं, GitHub पर AI प्रोजेक्ट्स की संख्या के मामले में भी भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है.
भारत का मौजूदा AI इकोसिस्टम
- भारत का टेक सेक्टर 280 बिलियन डॉलर से ज्यादा का हो चुका है
- 60 लाख से ज्यादा लोग टेक और AI सेक्टर में काम कर रहे हैं
- देश में 1,800 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स हैं
- करीब 89% नए स्टार्टअप्स AI का इस्तेमाल कर रहे हैं
- 87% कंपनियां किसी न किसी रूप में AI अपना चुकी हैं
- AI अब बैंकिंग, हेल्थकेयर, रिटेल, ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है
जनरेटिव AI और भारत की बड़ी छलांग
2025 में भारत जनरेटिव AI सीखने के मामले में पूरी दुनिया में सबसे आगे निकल गया. Coursera की रिपोर्ट बताती है कि सिर्फ एक साल में 36 लाख से ज्यादा लोगों ने GenAI कोर्स किए. Google AI Essentials और Generative AI for Everyone जैसे कोर्स सबसे ज्यादा पसंद किए गए. ChatGPT की बात करें तो भारत अब इसका सबसे बड़ा यूज़र बेस बन चुका है. दुनिया के करीब 13.5% चैटजीपीटी यूज़र भारत से हैं. टेलीकॉम कंपनियां भी एआई को आगे बढ़ा रही हैं, जहां जियो और एयरटेल जैसी कंपनियां एआई टूल्स के फ्री सब्सक्रिप्शन दे रही हैं.
IndiaAI Mission: सरकार की सबसे बड़ी पहल
भारत सरकार ने मार्च 2024 में IndiaAI Mission लॉन्च किया, जिसका मकसद है- “AI को भारत में बनाना और भारत के लिए काम में लाना”. इस मिशन के तहत अब तक 38,000 से ज्यादा GPUs जोड़े जा चुके हैं, जिससे स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स को सस्ता कंप्यूटिंग पावर मिल रहा है.
IndiaAI Mission के 7 अहम पिलर:
- सस्ते GPU और कंप्यूट पावर
- भारत-स्पेसिफिक AI ऐप्स
- AIKosh डेटा प्लेटफॉर्म
- इंडियन लैंग्वेज AI मॉडल
- FutureSkills और स्किल डेवलपमेंट
- AI स्टार्टअप फंडिंग
- Safe और Trusted AI
आगे का रास्ता
सरकार का लक्ष्य है कि 2035 तक भारत दुनिया का लीडिंग AI हब बने, जहां टेक्नोलॉजी सिर्फ मुनाफा नहीं बल्कि रोजगार, समानता और डिजिटल ताकत भी दे. AI Impact Summit 2026 इसी दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जहां भारत अपनी AI ताकत दुनिया को दिखाएगा.

