Apple CEO के तौर पर टिम कुक का आज आखिरी दिन, 2011 से 2026 तक का रिपोर्ट कार्ड
टिम कुक ने एपल की कीमत 350 अरब डॉलर से बढ़ाकर लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर कर दी. सेवाओं को 100 अरब डॉलर का बिजनेस बनाया.


Published : August 31, 2026 at 8:23 AM IST
हैदराबाद: टिम कुक का नाम आपने कई बार सुना होगा. खासतौर पर एपल डिवाइस के लवर्स को टिम कुक की जानकारी काफी ज्यादा होगी क्योंकि पिछले 15 सालों से टिम कुक एपल के सीईओ हैं. 31 अगस्त 2026 यानी आज उनका आखिरी दिन है. कल यानी 1 सितंबर 2026 से जॉन टर्नुस एपल के नए सीईओ बनेंगे. टिम कुक ने 2011 में स्टीव जॉब्स के हटने के बाद से एपल सीईओ का काम संभाला था.
स्टीव जॉब्स ने जब इस्तीफा दिया था, तो कई लोग ऐसा सोचते थे कि उनके बिना एपल कंपनी कैसे चलेगी, लेकिन टिम कुक ने साल 2011 से लेकर 2026 तक में एपल कंपनी को दुनिया की कितनी बड़ी और लोकप्रिय कंपनी बना दिया है, ये आप खुद भी जानते होंगे.

जब कुक ने काम संभाला था तो एपल कंपनी की वैल्यू करीब 350 अरब डॉलर थी, लेकिन आज यह आंकड़ा 4 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच चुका है. कंपनी के शेयर की कीमत तब लगभग 13 डॉलर थी, जो अब 319 डॉलर के पार जा चुकी है. इसकी सालाना आमदनी 108 अरब डॉलर से बढ़कर 400 अरब डॉलर से ऊपर हो गई. एपल कंपनी के कमाई के ये आंकड़ें सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि टिम कुक की उपलब्धियों का सबूत हैं.

कंपनी की कीमत और सर्विसेज़ का विस्तार
टिम कुक ने एपल ने को सिर्फ फोन और कंप्यूटर बेचने वाली कंपनी नहीं रहने दिया. उन्होंने सर्विसेज़ के बिजनेस को भी आगे बढ़ाया. App Store, Apple Music, Apple Pay जैसी सर्विसेज़ बनाई, जो अब कंपनी के लिए बड़ी आमदनी का जरिया बन चुकी हैं. एपल को अपनी सर्विसेज़ से सालाना 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा कमाई हो रही है. हार्डवेयर की तुलना में सर्विसेज़ से कंपनी को ज्यादा फायदा हो रहा है. एपल को अपनी सर्विसेज़ शुरू करने के बाद स्थिरता मिली. जब-जब फोन की बिक्री थोड़ी कम हुई तो सर्विसेज़ कंपनी की कमाई को संभाल लेती थी.
A song 40 years in the making — @thebeatles’ 'Now and Then’ is available on Apple Music today!https://t.co/U9zdJC9eKd
— Tim Cook (@tim_cook) November 2, 2023
कुक ने वैश्विक स्तर पर भी कंपनी का विस्तार किया. अब एपल के प्रोडक्ट करीब 200 देशों में बिकते हैं. दुनियाभर में लगभग 500 से ज्यादा रिटेल स्टोर्स हैं. कंपनी के एक्टिव डिवाइस इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 2.5 अरब तक पहुंच गई है, जबकि कर्मचारियों की संख्या में भी लाखों की बढ़ोतरी हुई है.
नए प्रोडक्ट और अपनी चिप बनाने की रणनीति
कुक के दौर में एपल ने समय की मांग को परखते हुए कई नई चीजें लॉन्च की.
2015 में पहली एपल वॉच (Apple Watch) लॉन्च हुई, जो सिर्फ एक साधारण घड़ी नहीं थी. इसमें हेल्थ से जुड़े कई खास फीचर्स जैसे - ECG, ऑक्सीजन लेवल चेक करने की क्षमता और फॉल डिटेक्शन आदि मौजूद थे.
Amazing to see the excited crowds today in Paris to preview Apple Watch for the first time at @coletteparis pic.twitter.com/YTqzbqSGhC
— Tim Cook (@tim_cook) September 30, 2014
2016 में एपल ने एयरपॉड्स (AirPods) लॉन्च किए. इन छोटे वायरलेस ईयरबड्स ने पूरे मार्केट को बदल दिया. लोग इन्हें रोज़ाना इस्तेमाल करने लगे.
उसके बाद एपल का सबसे बड़ा टेक्निकल चेंज अपनी चिप बनाना था. पहले मैक कंप्यूटर में इंटेल की चिप लगती थी. कुक ने एपल सिलिकॉन प्लेटफॉर्म शुरू किया. अब कंपनी अपनी चिप खुद डिज़ाइन करती है. इससे एपल प्रोडक्ट्स की परफॉर्मेंस बेहतर हुई और कंपनी को नियंत्रण भी ज्यादा मिला.
We’re proud to announce the all-new Mac mini—our first carbon neutral Mac! It’s completely redesigned around Apple silicon, built for Apple Intelligence, and delivers phenomenal performance in a super compact design. pic.twitter.com/Pn3p7HByFx
— Tim Cook (@tim_cook) October 29, 2024
टिम कुक ने पर्यावरण और प्राइवेसी पर भी काफी जोर दिया. 2015 की तुलना में कंपनी ने अपना कार्बन फुटप्रिंट 60% से भी ज्यादा कम कर लिया, जबकि इस दौरान कंपनी की आमदनी दोगुनी हो गई.
टिम कुक ने प्राइवेसी को यूज़र्स का हक माना और इसलिए उनके दौर में एपल ने यूज़र्स के डेटा की सुरक्षा के लिए कई ऐसे नियम बनाए, जो दूसरी कंपनियों से अलग थे और इसी कारण आज के दौर पर कई लोगों का ऐसा मानना है कि प्राइवेसी की सुरक्षा के मामले में एपल से बेहतर कोई दूसरी कंपनी नहीं है.
टिम कुक की चुनौतियां
टिम कुक के लिए पिछले 15 सालों की सफर आसान नहीं था. उनके दौर में कई सफलताओं के साथ-साथ कई चुनौतियांं भी आई, जिनका उन्हें सामना करना पड़ा.
- एपल मैप्स (Apple Maps) में गलत जानकारी देने के कारण एपल और टिम कुक को दुनियाभर से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.
- Vision Pro हेडसेट महंगी होने के कारण आम लोग उसे खरीदने में सक्षम नहीं हो पाए, जिसके कारण उनकी आलोचना हुई.
- कंपनी ने इलेक्ट्रिक कार के प्रोजेक्ट के लिए भी काफी मेहनत की थी, लेकिन उन्हें उसे छोड़ना पड़ा.
- आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई टेक्नोलॉजी ने पिछले चार सालों में पूरी दुनिया में तलहका मचा रखा है, लेकिन एपल इस मामले में काफी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है, जिसके कारण सैमसंग समेत दूसरी कंपनियां और दुनियाभर के यूज़र्स ने भी उनकी आलोचनाएं की.

| कैटेगिरी | उपलब्धियां | चुनौतियां |
| कंपनी का आकार और वैल्यू | मार्केट कैप $350B → $4T स्टॉक $13 → $319+ रेवेन्यू $108B → $400B+ | - |
| बिजनेस मॉडल | सर्विसेज (App Store, Music, Pay आदि) को $100B+ सालाना बिजनेस बनाया; हार्डवेयर पर निर्भरता घटाई | - |
| प्रोडक्ट्स | Apple Watch (2015), AirPods (2016), Apple Silicon (खुद की चिप्स) लॉन्च कर मार्केट बदला | Vision Pro महंगा होने से सीमित सफलता इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट रद्द |
| ग्लोबल विस्तार | 200 देशों में प्रोडक्ट, 500+ रिटेल स्टोर्स, 2.5B एक्टिव डिवाइसेस | |
| अन्य फोकस | प्राइवेसी को प्राथमिकता, कार्बन फुटप्रिंट 60%+ कम (रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद) | Apple Maps की शुरुआती गलतियां → भारी आलोचना AI में उम्मीद से स्लो प्रोग्रेस |
| लीडरशिप ट्रांजिशन | स्टीव जॉब्स के बाद कंपनी को मजबूत व स्थिर बनाया, अब Executive Chairman बने रहेंगे | नए CEO (जॉन टर्नुस) के लिए AI में तेजी लाने की बड़ी चुनौती छोड़कर गए |
टिम कुक ने अपने दौर में डिवाइस, सर्विसेज़ और प्राइवेसी पर ज्यादा ध्यान दिया, जबकि अन्य कंपनियां एआई जैसे सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ती रही थीं. अब एपल के नए सीईओ के लिए सबसे बड़ा सवाल और चुनौती यही है कि वो कैसे एआई जैसे टेक्नोलॉजी में एपल को बाकी कंपनियों के बराबर या उससे आगे लेकर जाए.
I want to thank everyone for the outpouring of love and thank you for believing in me to lead the company that has always put you at the center of our work. This is not goodbye. It’s a hello to John and I can’t wait for you to get to know him like I do! 🙏 pic.twitter.com/Q43QDG3UmZ
— Tim Cook (@tim_cook) April 21, 2026
बहरहाल, इन तमाम चुनौतियों के बाद भी टिम कुक ने एपल को सिर्फ बड़ा नहीं बनाया, बल्कि उसे मजबूत, स्थिर और दुनियाभर में फैलाया. स्टीव जॉब्स ने एपल कंपनी की नींव रखी और कुक ने उस नींव पर बड़ी इमारत खड़ी कर दी है. अब अब जॉन टर्नुस पर उस इमारत को और ऊंचा करने और एपल की विरासत को आगे लेकर जाने की जिम्मेदारी होगी. हालांकि, आपको बता दें कि टिम कुक ने एपल के सीईओ के पद से इस्तीफा दिया है, कंपनी नहीं छोड़ी है. टिम कुक अभी भी एपल के साथ एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप जुड़े रहेंगे.

