Tata Motors ने अपना नया Intra V40 किया लॉन्च, मिलेगा पेट्रोल और CNG दोनों का विकल्प
Tata Motors ने नया Intra V40 लॉन्च कर दिया है. नया पिकअप ट्रक अल्टरनेट फ्यूल मोबिलिटी स्पेस में कंपनी की स्थिति को मज़बूत करता है.

Published : June 4, 2026 at 11:06 AM IST
हैदराबाद: Tata Motors ने अपने छोटे कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए अपना नया Tata Intra V40 लॉन्च कर दिया है. यह नया पिकअप ट्रक अल्टरनेट फ्यूल मोबिलिटी स्पेस में कंपनी की स्थिति को मज़बूत करता है, और साथ ही उन बिज़नेस की ज़रूरतों को भी पूरा करता है, जिन्हें ज़्यादा पेलोड कैपेसिटी, कम ऑपरेटिंग कॉस्ट और बेहतर ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी की ज़रूरत होती है.
Tata Intra V40 कंपनी की बाई-फ्यूल कमर्शियल गाड़ियों की बढ़ती रेंज में शामिल किया गया है, और कंपनी ने इसे लास्ट-माइल ट्रांसपोर्टेशन के लिए डिज़ाइन किया है. यह पिकअप ट्रक CNG और पेट्रोल बाई-फ्यूल पावरट्रेन के साथ सेगमेंट में सबसे ज़्यादा 1,525 kg पेलोड कैपेसिटी और 2,960 mm लंबी लोड बॉडी के साथ आता है. इससे ऑपरेटर्स को कार्गो ले जाने की कैपेसिटी और कमाई की संभावना को ज़्यादा से ज़्यादा करने में मदद मिलती है.
Tata Intra V40 का बाई-फ्यूल पावरट्रेन
नए Tata Intra V40 में 1.2-लीटर का इंजन मिलता है, जो 58 bhp की पावर और 106 Nm का अधिकतम टॉर्क प्रदान करता है. Tata Motors का कहना है कि इस पिकअप को परफॉर्मेंस और फ्यूल एफिशिएंसी का बैलेंस देने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह शहरी और इंटरसिटी कार्गो ऑपरेशन दोनों के लिए सही है.
इस पिकअप ट्रक में 110-लीटर का CNG टैंक लगाया गया है, जो ऑपरेटिंग रेंज बढ़ाने और फ्यूल खर्च कम करने में मदद करता है. इसका बाई-फ्यूल आर्किटेक्चर ऑपरेटरों को CNG और पेट्रोल के बीच स्विच करने की भी सुविधा देता है, जिससे उन इलाकों में भी बिना रुकावट ऑपरेशन पक्का होता है जहां CNG की उपलब्धता कम हो सकती है.
ड्राइवर के आराम और सुरक्षा पर ध्यान
नए Tata Intra V40 को Tata Motors के जाने-माने कमर्शियल व्हीकल प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, जो एक मॉडर्न वॉक-थ्रू केबिन के साथ आता है. यह ड्राइवरों के लिए बेहतर एक्सेसिबिलिटी और सुविधा देता है. कंपनी ने लंबे समय तक काम करने के दौरान थकान कम करने के लिए कार जैसी ड्राइविंग डायनामिक्स देने पर भी ध्यान दिया है.
पिकअप ट्रक में फ्रंट में डिस्क ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है, और यह सेफ्टी और कंट्रोल को बेहतर बनाता है, जबकि हाइड्रोफॉर्म्ड चेसिस ज़्यादा स्ट्रक्चरल मज़बूती, स्टेबिलिटी और ड्यूरेबिलिटी देता है. कंपनी का दावा है कि यह सेटअप भारी लोड वाली कंडीशन और अलग-अलग तरह के रोड एनवायरनमेंट में भरोसेमंद परफॉर्मेंस देता है.

