भारत में लोग ChatGPT का यूज़ किन कामों के लिए करते हैं? OpenAI रिपोर्ट में हुआ खुलासा
भारत में ChatGPT का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. कोडिंग, पढ़ाई और काम के लिए युवा इसे रोजमर्रा का टूल बना रहे हैं.


Published : February 20, 2026 at 5:43 PM IST
हैदराबाद: भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के इस्तेमाल के मामले में एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. ओपनएआई के नए डेटा के मुताबिक, भारत अब चैटजीपीटी का अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन चुका है. भारत में चैटजीपीटी के वीकली एक्टिव यूज़र्स की संख्या 10 करोड़ से भी आगे पहुंच चुकी है. इसमें खास बात यह है कि भारतीय यूज़र्स सिर्फ एआई को आज़मा नहीं रहे, बल्कि इसे अपनी डेली-लाइफ के काम और प्रोफेशनल जरूरतों के लिए गंभीरता से इस्तेमाल भी कर रहे हैं.
ओपनएआई की नई पब्लिक डेटा पहल 'OpenAI Signals' की रिपोर्ट से पता चला है कि भारत में यूज़र्स टेक्निकल टूल्स का इस्तेमाल ग्लोबल एवरेज से कहीं ज्यादा कर रहे हैं. खासतौर पर कोडिंग और डेटा एनालिसिस के मामले में भारत काफी तेजी से आगे निकल रहा है. प्लस और प्रो सब्सक्राइबर्स के बीच डेटा एनालिसिस टूल्स का इस्तेमाल ग्लोबल औसत से करीब चार गुना ज्यादा है. वहीं, कोडिंग से जुड़े के लिए Codex का इस्तेमाल लगभग तीन गुना ज्यादा देखा गया है. OpenAI के सीईओ सैम अल्टमैन ने भी आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए यही बात कही है.
Great meeting with PM @narendramodi today to talk about the incredible energy around AI in India.
— Sam Altman (@sama) February 20, 2026
India is our fastest growing market for codex globally, up 4x in weekly users in the past 2 weeks alone.
🇮🇳! pic.twitter.com/MRbw0UkotJ
चैटजीपीटी का सबसे एडवांस यूज़ कर रहा भारत
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय यूज़र्स कोडिंग से जुड़े सवाल भी दुनियाभर के यूजर्स की तुलना में करीब तीन गुना ज्यादा पूछ रहे हैं. वहीं, पढ़ाई और लर्निंग से जुड़े सवालों में भी भारत ग्लोबल एवरेज से लगभग दोगुना आगे है. जियोग्राफिक तौर पर देखें तो तेलंगाना, कर्नाटका और तमिलनाडु जैसे टेक हब्स में कोडिंग से जुड़ा इस्तेमाल सबसे ज्यादा देखने को मिला है.
इसके अलावा भारत में लोग काम से जुड़े कामों के लिए भी चैटजीपीटी का काफी इस्तेमाल करते हैं और इसमें भी तेजी से बढ़ोतरी आई है. करीब 35% कंज्यूमर मैसेजेस सीधे काम से जुड़े होते हैं, जबकि ग्लोबल लेवल पर यह आंकड़ा लगभग 30 प्रतिशत है. ऑफिस वर्क में लोग ड्राफ्टिंग, एडिटिंग, टेक्निकल हेल्प, डिबगिंग और काम को तेज करने के लिए चैटजीपीटी पर भरोसा कर रहे हैं.
भारत के यूज़र्स काम के अलावा भी चैटजीपीटी का काफी प्रैक्टिल तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं. लगभग 35% नॉन-वर्क मैसेजेस किसी न किसी तरह की प्रैक्टिकल गाइडेंस से जुड़े होते हैं. इसके अलावा करीब 20% मैसेजेस जनरल जानकारी और 20% राइटिंग से जुड़े होते हैं. इससे साफ है कि लोग सेल्फ लर्निंग, डिसीजन मेकिंग और पर्सनल प्रोडक्टिविटी के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं.
| ChatGPT यूज़ करने के तरीके | भारत में आंकड़ा | ग्लोबल तुलना | मुख्य नोट्स |
| वीकली एक्टिव यूजर्स | 100 मिलियन से ज्यादा | US के बाद दूसरा सबसे बड़ा | सबसे तेज Codex ग्रोथ |
| कोडिंग (Coding / Codex) | 3x ज्यादा | ग्लोबल मीडियन से 3 गुना | तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु सबसे आगे |
| डेटा एनालिसिस | 4x ज्यादा (Plus/Pro) | ग्लोबल एवरेज से 4 गुना | एडवांस टूल्स में हाई यूज |
| लर्निंग/एजुकेशन | 2x ज्यादा | ग्लोबल मीडियन से दोगुना | युवा सबसे आगे |
| वर्क-रिलेटेड मैसेजेस | 35% | ग्लोबल: 30% | ड्राफ्टिंग, डिबगिंग, स्पीड-अप |
| प्रैक्टिकल गाइडेंस (नॉन-वर्क) | 35% | - | सेल्फ-लर्निंग, डिसीजन मेकिंग |
| जनरल जानकारी / राइटिंग | दोनों कामों के लिए 20% | - | बेसिक क्वेरीज और कंटेंट |
| उम्र ग्रुप | 18-24: 50% 18-34: 80% | 18-24: 33% | युवा (स्टूडेंट्स/अर्ली करियर) |
उम्र के लिहाज से देखें तो भारत में चैटजीपीटी का इस्तेमाल युवाओं के बीच सबसे ज्यादा है. 18 से 24 साल के यूज़र्स कुल मैसेजेस का लगभग आधा हिस्सा भेजते हैं. वहीं, 18 से 34 साल के यूज़र्स मिलकर करीब 80% मैसेजेस करते हैं. OpenAI के चीफ इकोनॉमिस्ट रोनी चैटर्जी का कहना है कि एआई को अपनाने की रफ्तार इतनी तेज है कि उसे मापने वाले टूल्स भी पीछे छूट रहे हैं. उनका मानना है कि OpenAI Signals भारत में एआई को लेकर चर्चा को हाइप से निकालकर डेटा के आधार पर समझने में मदद करेगा.

