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मेटा ने लॉन्च किया म्यूज वॉयस ट्रांसक्राइब, हिंदी समेत इन भाषाओं को करेगा सपोर्ट

मेटा ने म्यूज वॉयस ट्रांसक्राइब नाम का नया मॉडल लॉन्च किया है जो बोलते ही रियल-टाइम में आवाज को लिख सकता है.

This model understands 25 languages, including Hindi, Tamil, and Telugu, and distinguishes between more than 20 speakers.
यह मॉडल हिंदी तमिल तेलुगु समेत 25 भाषाओं को समझता है और 20 से ज्यादा बोलने वालों को अलग पहचान लेता है. (Image Credit: Meta)
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By ETV Bharat Tech Team

Published : September 2, 2026 at 8:53 PM IST

2 Min Read
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हैदराबाद: मेटा ने अपने यूज़र्स के लिए एक नया मॉडल पेश किया है. इस मॉडल का नाम म्यूज वॉयस ट्रांसक्राइब (Muse Voice Transcribe) है. इसे कंपनी ने अपनी मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में बनाया है. इसकी खास बात है कि यह आवाज़ को रियल-टाइम में लिख देता है और यह ऐसा करने वाला दुनिया का पहला मॉडल है.

मेटा ने दावा किया है कि उनका म्यूज वॉयस ट्रांसक्राइब एआई मॉडल भाषा और बोलने वाले व्यक्ति की पहचान तुरंत कर लेता है. यह कई भाषाओं में काम करता है और आवाज़ आते ही लिखना शुरू कर देता है.

कहां-कहां उपलब्ध है?

मेटा एआई फॉर मैक पर यह मॉडल मिल रहा है. यूजर Fn बटन दबाकर किसी भी ऐप में बोलकर लिखवा सकता है. डेवलपर्स के लिए म्यूज कोड और मेटा मॉडल एपीआई के जरिए भी उपलब्ध है.

म्यूज वॉयस ट्रांसक्राइब मॉडल रियल-टाइम स्ट्रीमिंग एएसआर करता है. 20 से ज्यादा बोलने वालों की आवाजों को अलग-अलग पहचान लेता है. इस मॉडल को बात खत्म होने से पहले ही पता चल जाता है कि अब बात खत्म होने वाली है, जिसे रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन करने में गलतियां कम होती हैं.

मेटा ने अपने इस मॉडल को 70 से ज्यादा भाषाओं पर ट्रेन किया है. हालांकि, लॉन्च के वक्त 25 भाषाएं थी. इनमें नीचे लिखी कई भाषाएं शामिल हैं, जिनमें भारत की भी हिंदी समेत कई भाषाएं शामिल हैं.

  1. अरबी
  2. बंगाली
  3. डच
  4. अंग्रेज़ी
  5. फ़्रेंच
  6. जर्मन
  7. हिब्रू
  8. हिंदी
  9. इंडोनेशियाई
  10. इतालवी
  11. जापानी
  12. कन्नड़
  13. कोरियाई
  14. मलय
  15. मंदारिन चीनी
  16. मराठी
  17. पोलिश
  18. पुर्तगाली
  19. स्पेनिश
  20. तागालोग
  21. तमिल
  22. तेलुगु
  23. थाई
  24. तुर्की
  25. वियतनामी

यह मॉडल कोड-स्विचिंग को भी सपोर्ट करता है. एक वाक्य के अंदर या वाक्यों के बीच भाषा बदलने पर भी समझ लेता है. भाषा कीवर्ड और कॉन्टेक्स्ट बायसिंग से सटीकता बढ़ती है. एक घंटे से ज्यादा लंबी आवाज को बिना बाद में प्रोसेस किए हैंडल कर सकता है. मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब के अनुसार यह स्ट्रीमिंग स्पीच-टू-टेक्स्ट और डायराइजेशन बेंचमार्क में पहले नंबर पर है. यह मॉडल आवाज़ को तुरंत टेक्स्ट में बदलने का काम आसान बनाता है. इससे कई भाषाएं बोलने वाले लोगों और डेवलपर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है.