Meta ने लॉन्च किया Muse: अब AI एजेंट खुद निपटाएगा आपका डेली-वर्क, जानें कैसे करता है काम
मेटा का नया म्यूज पर्सनल AI एजेंट रोज के छोटे काम से लेकर बड़े लक्ष्यों तक खुद प्लान बनाकर काम करता है.


Published : September 9, 2026 at 12:22 PM IST
हैदराबाद: मेटा ने एक नया पर्सनल एआई एजेंट लॉन्च किया है, जिसका नाम Muse है. ये एजेंट सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देता बल्कि यूज़र के रोज़मर्रा के कामों और लंबे समय के लक्ष्य को भी खुद पूरा करने की कोशिश करता है. मेटा का कहना है कि इससे बातचीत करना बिल्कुल किसी असली इंसान से मैसेज करने जैसा लगता है. इसे यूज़र्स म्यूज़ ऐप में या सीधे व्हाट्सएप के अंदर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
ये एजेंट Muse Secure VM नाम के एक खास प्राइवेट वर्चुअल कंप्यूटर पर चलता है. इसमें एजेंट और यूज़र का पर्सनल डेटा दोनों सुरक्षित रहते हैं. हर यूज़र का अपना अलग सिस्टम होता है. दूसरे किसी भी एजेंट से इसका कोई संपर्क नहीं होता.
Introducing Muse, your personal AI agent from Meta that gets things done across every part of life.
— Muse (@Muse) September 8, 2026
Download the Muse app and get started: https://t.co/KBjYWfshGo pic.twitter.com/1exp56xj93
Muse कैसे काम करता है?
यूज़र सिर्फ बता देता है कि क्या करना है. Muse Spark मॉडल की मदद से एजेंट प्लान बनाता है. टाइमिंग और संसाधनों का ध्यान रखता है और फिर खुद काम शुरू कर देता है. छोटे काम जैसे ईमेल भेजना या ट्रैवल बुक करना आसानी से हो जाता है. यह ब्राउज़र खोल सकता है, ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है और डील भी नेगोशिएट कर सकता है.
मेटा का यह नया एआई मॉडल यानी म्यूज़ बड़े-बड़े लक्ष्यों पर भी काम करता है. ऐप बंद होने के बाद भी बैकग्राउंड में काम जारी रहता है. जब कुछ बदलता है या अप्रूवल की जरूरत पड़ती है तो ये वापस आकर बताता है. उदाहरण के तौर पर अगर ईमेल भेजने या खरीददारी करने से पहले परमिशन की जरूरत पड़ती है तो ये पूछता है. यह कार ज्यादा दाम पर बेचने, बिल कम कराने या फिटनेस प्लान एडजस्ट करने जैसे काम भी कर सकता है.
म्यूज़ याद रखता है कि यूज़र ने पहले क्या बताया था. यह बिना पूछे भी सुझाव दे सकता है. सेव किए गए रेसिपी वीडियो से शॉपिंग लिस्ट बना सकता है. डिनर पार्टी के लिए मेन्यू का सजेशन दे सकता है. दोस्त की डाइट जरूरतों को याद रखकर निमंत्रण भी भेज सकता है.
पेमेंट और शॉपिंग की सुविधा
शॉपिंग करते वक्त Muse Stripe के Link पेमेंट टूल से चेकआउट कर सकता है. ये पहला एआई एजेंट है, जिसे लिंक की बायर प्रोटेक्शन मिलता है. खोए या डैमेज आइटम पर फ्री कवर, प्राइस ड्रॉप पर रिफंड और फ्री रिटर्न और रिटर्न गारंटी जैसी सुविधाएं भी मिलती है. हर खरीद पर वन-टाइम यूज कार्ड बनता है. असली कार्ड डिटेल्स छिपी रहती है. कंपनी के मुताबिक, इसमें जल्द ही Shop Pay और 1Password सपोर्ट भी आने वाला है.
Introducing Muse, a personal agent that gets things done for you, powered by Muse Spark 1.3.
— AI at Meta (@AIatMeta) September 8, 2026
Get an inside look at how we built Muse and what it can do for you: https://t.co/qzFgoNAUSV https://t.co/KNCQwQXqyL pic.twitter.com/7skLRgWCaI
प्राइवेसी और सुरक्षा का खास ध्यान
मेटा का कहना है कि म्यूज़ को मजबूत प्राइवेसी फीचर के साथ बनाया गया है. Sentinel नाम का दूसरा सिस्टम हर ऑनलाइन एक्शन चेक और अप्रूव करता है. जरूरत पड़ने पर यूज़र से अनुमति मांगता है. म्यूज़ पासवर्ड या पेमेंट डिटेल्स डायरेक्ट नहीं देख सकता. ये जानकारियां एक सुरक्षित स्टोर में रहती है.
यूज़र खुद चुन सकता है कि कौन से ऐप कनेक्ट करने है और कितना एक्सेस देना है. इसके अलावा यूज़र इसे कभी भी डिस्कनेक्ट भी कर सकते हैं. डेटा को मेटा के एआई मॉडल ट्रेनिंग में इस्तेमाल न करने का ऑप्शन भी है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि डिफॉल्ट रूप से मेटा डेटा को ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल कर सकता है, जब तक यूज़र खुद ऑप्ट-आउट न करें. इसका मतलब यह ऑप्ट-इन नहीं बल्कि ऑप्ट-आउट सुविधा है. इसके अलावा म्यूज़ यूज़र्स की पर्सनल बातचीत विज्ञापन सिस्टम के साथ शेयर नहीं होती है.
इस साल के अंत में म्यूज Muse Confidential VM भी आने वाला है. उसमें सारा डेटा यूज़र की अपनी Key से एन्क्रिप्ट रहेगा. उसका एक्सेस मेटा के पास भी नहीं होगा. म्यूज़ फिलहाल अमेरिका में 18 साल से ज्यादा उम्र वाले यूज़र्स के लिए iOS, Android और muse.ai पर रोल आउट हो रहा है. एआई ग्लासेस पर सपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है. यह ज्यादातर यूज़र्स के लिए मुफ्त है. अतिरिक्त फीचर्स के लिए पेड सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध हैं. हालांकि, मार्क ज़ुकरबर्ग ने बिल्कुल साफ कहा है कि यूज़र्स को हफ्ते में 100 मिलियन टोकन तक मुफ्त सुविधा मिलेगी और उसके बाद Power (20 डॉलर प्रति महीना) या Maximum (100 डॉलर प्रति महीना) प्लान यूज़ करना होगा.
Muse is built to help deliver personal superintelligence to everyone over time, so we're making it free to use for up to 100M tokens per week. There are subscription plans for those use who use even more compute.
— Mark Zuckerberg (@finkd) September 8, 2026
मेटा म्यूज़ की मुख्य बातें
- Muse ऐप या WhatsApp से चैट करके काम बताएं
- छोटे-बड़े दोनों तरह के टास्क खुद हैंडल करता है
- बैकग्राउंड में काम जारी रखता है
- Link से सुरक्षित शॉपिंग और बायर प्रोटेक्शन
- पूरा कंट्रोल यूजर के हाथ में रहता है
- Sentinel और Secure VM से सुरक्षा
ये एजेंट उन लोगों के लिए खास है जो टेक्निकल चीजें नहीं जानते. ऐसे में उन्हें सिर्फ इसे काम बताना है, बाकी प्लानिंग और काम को पूरा ये एआई मॉडल खुद कर लेगा. मेटा का दावा है कि Muse कम मेहनत में बेहतर नतीजे देने के लिए बनाया गया है.

