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जनवरी 2026 से महंगी हो जाएंगी Mercedes-Benz की कारें, जानें क्यों हो रही कीमत में बढ़ोतरी

Mercedes-Benz India जनवरी 2026 से अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में इजाफा करने वाली है.

Mercedes-Benz GLA
Mercedes-Benz GLA (फोटो - Mercedes-Benz India)
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By ETV Bharat Tech Team

Published : December 13, 2025 at 1:53 PM IST

2 Min Read
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हैदराबाद: लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz India ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है. ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी के पोर्टफोलियो में EVs भी शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि कारों की कीमतों में यह बढ़ोतरी, जो 1 जनवरी से लागू होगी, इसलिए की गई है क्योंकि 'यूरो-INR एक्सचेंज रेट लगातार 100 रुपये के निशान से ऊपर बना हुआ है'.

Mercedes-Benz की कीमतों में क्यों हो रही बढ़ोतरी
कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में, Mercedes-Benz India के MD और CEO, संतोष अय्यर ने कहा कि इस साल यूरो-रुपये की एक्सचेंज रेट उम्मीद से ज़्यादा समय तक खराब रही है. उन्होंने कहा कि, "यह लंबे समय तक चलने वाली अस्थिरता हमारे ऑपरेशंस के हर पहलू पर असर डालती है."

Mercedes-AMG S63 E Performance
Mercedes-AMG S63 E Performance (फोटो - Mercedes-Benz India)

उन्होंने कहा कि, "लोकल प्रोडक्शन के लिए इम्पोर्टेड कंपोनेंट्स से लेकर कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट्स (CBU) तक, सभी पर असर पड़ता है. इसके अलावा, बढ़ती इनपुट लागत और बढ़ते लॉजिस्टिक्स खर्च, महंगाई की लागत के साथ मिलकर, हमारी कुल ऑपरेशनल लागत को काफी बढ़ा दिया है."

वैसे तो कार की कीमतों में बढ़ोतरी मॉडल के हिसाब से अलग-अलग होगी, लेकिन सबसे ज़्यादा असर कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट्स पर पड़ने वाला है. इम्पोर्टेड पार्ट्स वाली लोकल लेवल पर असेंबल की गई कारों की कीमतें भी बढ़ेंगी. आपको बता दें कि Mercedes-Benz महाराष्ट्र में अपने पुणे प्लांट में कारों को असेंबल करती है.

Mercedes-Maybach S-Class
Mercedes-Maybach S-Class (फोटो - Mercedes-Benz India)

कंपनी के प्लांट में Mercedes-Benz A-Class Limousine, GLA, C-Class, GLC, E-Class LWB, GLE, S-Class, GLS, Maybach S 580, EQS 580 सेडान और EQS SUV 450 असेंबल की जाती हैं. इसके पोर्टफोलियो में बाकी EVs, Maybach और AMG परफॉर्मेंस मॉडल इम्पोर्ट किए जाते हैं.

कीमतों में बढ़ोतरी पर आगे कमेंट करते हुए, अय्यर ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा लगातार रेपो रेट कम करने की तारीफ़ भी की, जिससे 'Mercedes-Benz Financial Services (MBFS) कस्टमर्स को फ़ायदा पहुंचा पाती है, जिससे कीमत बढ़ने का असर काफी हद तक कम हो जाता है.' कंपनी का दावा है कि MBFS देश में उसकी लगभग 50 प्रतिशत बिक्री में मदद करती है और Mercedes-Benz कार खरीदने वाले 80 प्रतिशत लोग फाइनेंसिंग का इस्तेमाल करते हैं.